Published on 23/09/2025 10:03 AM
अमेरिका के सबसे बड़े बैंक, जेपी मॉर्गन (JPMorgan) के सीईओ जेमी डिमॉन (Jamie Dimon) भी ट्रंप की टैरिफ और H-1B वीजा नीतियों से सहमत नहीं दिख रहे हैं। जेमी डिमॉन ने कहा कि अमेरिका को हर हाल में भारत का सबसे अच्छा दोस्त बना रहना चाहिए। डिमॉन ने हमारे सहयोगी CNBC-TV18 के साथ एक बातचीत में यह भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापारिक मतभेद जल्द ही सुलझ जाएंगे।
जेपी मॉर्गन के 10वें सालाना इंडिया कॉन्फ्रेंस के अवसर पर डिमॉन ने कहा, "भारत अमेरिका का एक बहुत अच्छा दोस्त है। ऐसा होना भी चाहिए। मैं जानता हूँ कि वह गुटनिरपेक्ष है और उसे गुटनिरपेक्ष ही रहना चाहिए, लेकिन इस गुटनिरपेक्षता के साथ, हमें यानी अमेरिका को उनका सबसे अच्छा दोस्त होना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि वे अमेरिकी पक्ष से कुछ सुनना चाहते हैं, और मुझे लगता है कि वे भारतीय पक्ष से कुछ सुनना चाहते हैं। मुझे उम्मीद है कि दोनों इस मसले को समझदारी से सुलझा लेंगे। मुझे लगता है कि यही दोनों पक्षों के लिए अच्छा होगा।"
H-1B वीजा फीस पर क्या बोले जेमी डिमॉन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के H-1B वीजा फीस बढ़ोतरी के ऐलान पर डिमॉन ने कहा कि इस फैसले ने सबको चौंका दिया है। उन्होंने कहा, “मैं मेरिट-आधारित इमिग्रेशन में विश्वास करता हूं। मैं राष्ट्रपति से यह कहना चाहूंगा कि उन्होंने बॉर्डर कंट्रोल में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह अच्छी बात है। हर देश को मजबूत बॉर्डर चाहिए, लेकिन इसके बाद अच्छी इमिग्रेशन पॉलिसी भी होनी चाहिए। अगर कोई डॉक्टर है, सीजनल वर्कर है, या अमेरिका से डिग्री हासिल करता है तो उसे वहीं रुकने की अनुमति मिलनी चाहिए। ऐसे मामलों में ग्रीन कार्ड तुरंत जारी कर देना चाहिए। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से इसकी विनती करूंगा। उम्मीद है कि हम इस मुद्दे पर भी सरकार के साथ बातचीत करेंगे।"
बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में विदेशी कंपनियों के लिए H-1B वीजा आवेदन की फीस को बढ़ाकर $100,000 (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया है। इस वीजा को आईटी जैसे हाई स्किल वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए अमेरिका जाने का मुख्य मार्ग माना जाता है।
अमेरिकी इकोनॉमी और ग्लोबल चुनौतियां
जेमी डिमॉन ने अमेरिकी इकोनॉमी पर भी अपनी राय दी। डिमोन ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुछ कमजोरियां जरूर दिख रही हैं, लेकिन बाजार में अब भी काफी प्रोत्साहन मौजूद है। हालांकि, उन्होंने महंगाई को लेकर सतर्क रुख अपनाया और कहा कि यह इतनी जल्दी कम नहीं होगी क्योंकि दुनिया भर में घाटे बढ़ रहे हैं।
खुद को ‘फ्री ट्रेड’ का समर्थक बताते हुए डिमोन ने कहा कि अनुचित व्यापारिक प्रथाएं और राष्ट्रीय सुरक्षा अभी भी बड़ी चिंताएं बनी हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि कि ट्रंप प्रशासन ग्रोथ को लेकर आक्रामक है, लेकिन अब तक वित्तीय घाटों से जुड़े मुद्दे को संबोधित नहीं किया गया है।
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