News Image
Money Control

CMPDI Listing: ₹172 का शेयर ₹160 पर लिस्ट, IPO को भी मिला था फीका रिस्पॉन्स

Published on 30/03/2026 10:09 AM

CMPDI IPO Listing: दिग्गज कोल माइनिंग कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके IPO को भी निवेशकों का खास रिस्पॉन्स नहीं मिला था और सिर्फ QIB हिस्सा ओवरसब्सक्राइब हुआ था। बाकी आधा भी नहीं भर पाया था। IPO के तहत ₹172 के भाव पर शेयर जारी हुए। आज 30 मार्च को BSE पर इसकी ₹162.80 और NSE पर ₹160.00 पर एंट्री हुई है यानी कि IPO निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 7% पूंजी ही घट गई।

लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹166.00 (CMPDI Share Price) पर पहुंच गया यानी कि IPO निवेशक अब 3.49% घाटे में हैं। एंप्लॉयीज कम घाटे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹8 के डिस्काउंट पर मिला है।

CMPDI IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट यानी सीएमपीडीआई का ₹1,842 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-24 मार्च तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का फीकी रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.48 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.35 गुना, खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.35 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 0.21 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 0.36 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹2 की फेस वैल्यू वाले 10.71 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। चूंकि यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है तो आईपीओ के सभी पैसे शेयर बेचने वाली कोल इंडिया को मिले हैं।

CMPDI के बारे में

वर्ष 1974 में बनी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDI) कोयला और खनिज की खोज के साथ-साथ माइन की प्लाइनिंग और डिजाइन को लेकर कंसल्टेंसी और सपोर्ट सर्विसेज ऑफर करती है। इसके अलावा कंपनी NMET (नेशनल मिनरल एक्स्प्लोरेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट) के साथ मिलकर कोयला और अन्य मिनरल्स के ड्रिलिंग और एक्स्प्लोरेशन इनीशिएटिव्स में भी हिस्सा लेती है।

सीएमपीडीआई देश की सबसे बड़ी कोल एंड मिनरल कंसल्टेंसी कंपनीज में शुमार है और वित्त वर्ष 2025 में इसका करीब 61.0% मार्केट पर कब्जा रहा। यह कोल इंडिया की प्रेफर्ड कंसल्टेंट है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी अहम कोयला उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सात रीजनल इंस्टीट्यूट्स चला रही है। साथ ही कंपनी अलग-अलग कोलफील्ड में 8 लैब का नेटवर्क भी चला रही है जहां कोयले की जांच होती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹296.66 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹503.23 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹666.91 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 24% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹2,177.53 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹425.36 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹1,543.93 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹2,010.98 करोड़ पड़े थे।

Intellius Recode ला रही है IPO, ड्राफ्ट किया जमा; नए शेयरों से ₹117 करोड़ जुटाने की तैयारी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।