Published on 24/03/2026 05:38 PM
Defence Stocks: जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के साथ ही डिफेंस सेक्टर के शेयर निवेशकों के रडार पर बने हुए हैं। ब्रोकरेज फर्म Nuvama ने डिफेंस सेक्टर को लेकर अपनी नई रिपोर्ट जारी की है। इसमें ब्रोकरेज ने BEL को डिफेंस सेक्टर में अपनी टॉप पिक बताया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य डिफेंस स्टॉक्स को भी मिड टर्म में मजबूत ग्रोथ देने वाले स्टॉक्स के रूप में पसंद किया गया है। इनमें 62% तक का संभावित रिटर्न मिल सकता है।
किन डिफेंस कंपनियों पर फोकस
ब्रोकरेज के मुताबिक फिलहाल डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और मिसाइल सिस्टम से जुड़ी कुछ खास कंपनियां निवेश के लिहाज से ज्यादा आकर्षक दिख रही हैं। रिपोर्ट में Bharat Electronics (BEL), Hindustan Aeronautics (HAL) और Bharat Dynamics (BDL) को सेक्टर के प्रमुख स्टॉक्स के तौर पर बताया गया है।
Nuvama ने इन कंपनियों के लिए संभावित तेजी के अलग-अलग अनुमान भी दिए हैं। Hindustan Aeronautics के लिए बेस केस में 30% से ज्यादा बढ़त की संभावना बताई गई है। बुल केस में यह 34% से भी ऊपर जा सकती है।
Bharat Electronics के लिए बेस केस में करीब 29% और बुल केस में 35% से ज्यादा की उछाल का अनुमान लगाया गया है।
Bharat Dynamics में ज्यादा अपसाइड दिखाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बेस केस में ही यह 62% तक उछल सकता है।
BEL को टॉप पिक क्यों माना गया
Nuvama की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को लेकर उनका नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। खासकर उन कंपनियों पर ज्यादा भरोसा जताया गया है जिनकी अपनी तकनीक मजबूत है और जो आयात पर कम निर्भर हैं।
इसी वजह से BEL को ब्रोकरेज ने अपनी टॉप पिक बताया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Quick Reaction Surface to Air Missile यानी QRSAM प्रोजेक्ट का आगे बढ़ना कंपनी के शेयर के लिए एक बड़ा ट्रिगर बन सकता है।
डिफेंस सेक्टर में आगे कैसी दिख रही है ग्रोथ
ब्रोकरेज के मुताबिक Data Patterns और Solar Industries मिड टर्म में मजबूत ग्रोथ दिखा सकते हैं। वहीं Hindustan Aeronautics में डाउनसाइड सीमित दिखाई देता है और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन बेहतर रहने पर इसमें भी अच्छी बढ़त की संभावना है।
अगर आसान शब्दों में कहें तो अलग अलग कंपनियों के ऑर्डर बुक और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन के आधार पर उनके प्रदर्शन की रफ्तार अलग हो सकती है।
युद्ध की बदलती तकनीक का असर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आधुनिक युद्ध अब सिर्फ जमीन, समुद्र और हवा तक सीमित नहीं रह गया है। अब इसमें अंतरिक्ष और साइबर स्पेस भी शामिल हो चुके हैं।
ड्रोन स्वार्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसी तकनीकें तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। इन तकनीकों ने युद्ध के तरीके को बदल दिया है। यही वजह है कि भारत भी अपनी घरेलू डिफेंस क्षमताओं को मजबूत करने पर ज्यादा जोर दे रहा है।
क्या भारत डिफेंस में आत्मनिर्भर हो रहा है
रिपोर्ट के मुताबिक भारत का डिफेंस इकोसिस्टम धीरे धीरे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। अब लगभग 65% डिफेंस इक्विपमेंट देश में ही बनाए जा रहे हैं। वहीं, पहले आयात पर ज्यादा निर्भरता थी।
Akash मिसाइल सिस्टम और BrahMos जैसे प्रोजेक्ट्स ने भारत की घरेलू क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही ड्रोन और काउंटर ड्रोन सिस्टम जैसे नए क्षेत्र अगले दशक में बड़े ग्रोथ ड्राइवर बन सकते हैं।
फिर भी ग्लोबल सहयोग जरूरी
हालांकि प्रगति के बावजूद कुछ चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। खासकर डिफेंस ग्रेड सेमीकंडक्टर, रेडिएशन हार्डेंड चिप्स, RF और माइक्रोवेव कंपोनेंट्स, हाई एंड सेंसर और FPGA या ASIC डिजाइन जैसे क्षेत्रों में अभी भी वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भरता बनी हुई है।
इसका मतलब है कि भारत को आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारी भी बनाए रखनी होगी।
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