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Excise Duty cut on Petrol Diesel : महंगाई के खिलाफ सरकार की 'ड्यूटी स्ट्राइक', जानिए किन शेयरों पर पड़ेगा इसका असर

Published on 27/03/2026 04:00 PM

Excise Duty on Petrol and Diesel : ईरान वॉर से उपजे हालात से निपटने के लिए सरकार एक्शन मोड में आ गई है। महंगाई पर लगाम लगाने के मकसद से सरकार का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। एक तरफ पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला लिया गया है तो दूसरी तरफ ATF औऱ डीजल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स लगा दिया गया है। पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार पर करीब 1.5 लाख करोड़ का सालाना बोझ पड़ेगा। उधर,स्टील और टेक्सटाइल जैसी इंडस्ट्री को 20 फीसदी एडिशनल LPG देने का भी फैसला लिया गया है। आने वाले दिनों में टैक्स और नॉन टैक्स के मोर्चे और बड़े फैसले संभव हैं।

क्रूड की मार,वॉर मोड में सरकार

पेट्रोल,डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है। पेट्रोल पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर की गई है। डीजल पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर से घटाकर जीरो कर दी गई है। डीजल एक्सपोर्ट पर 21.5 रुपए प्रति लीटर ड्यूटी लगाई गई है। ATF एक्सपोर्ट पर 29.5 रुपए प्रति लीटर ड्यूटी लगी है। OMCs को पेट्रोल बिक्री पर 24 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था। OMCs को डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर का नुकसान था।

कमर्शियल LPG सख्ती में छूट और 20 फीसदी ज्यादा आवंटन का फैसला लिया गया है। स्टील,ऑटो,टेक्सटाइल,केमिकल और प्लास्टिक इंडस्ट्री को तवज्जो मिलेगी। इससे कुल कमर्शियल LPG आवंटन बढ़कर प्री-क्राइसिस लेवल का 70 फीसदी हो जाएगा। रोजाना 7 एम्पावर्ड ग्रुप की बैठक होगी। हर ग्रुप को जरूरी फैसले लेने की हिदायत दी गई है।

जारी रहेगा फैसलों का सिलसिला

सूत्रों को मुताबिक आने वाले दिनों में और भी कई बड़े फैसले संभव हैं। टैक्स और नॉन टैक्स के मोर्चे पर और भी फैसले लिए जा सकते हैं। हर एम्पावर्ड ग्रुप को कम से कम एक बड़े फैसले लेने का मैंडेट दिया गया है। सरकार ने 7 एम्पावर्ड ग्रुप का गठन किया है। हर एम्पावर्ड ग्रुप की बैठक रोजाना जारी। एम्पार्ड ग्रुप अपने-अपने सेक्टर की समीक्षा में जुटे हैं।

फोकस में ये शेयर

तेल दुनियाभर में महंगा हो गया है। साउथ ईस्ट एशिया में इसके दाम30-50 फीसदी तो नॉर्थ अमेरिका में 30 फीसदी बढ़े हैं। यूरोप में तेल के दाम 20 फीसदी तो अफ्रीका में 50 फीसदी बढ़े हैं। ऐसे में OMCs को सरकार से राहत मिली है।

पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है। इससे OMCs को राहत मिली है। सरकार ने 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाई है। एक्साइज ड्यूटी में कटौती तत्काल प्रभाव से लागू है।

डीजल और ATF एक्सपोर्ट पर ड्यूटी

डीजल एक्सपोर्ट पर 21.5 रुपए प्रति शेयर की और ATF एक्सपोर्ट पर 29.5 रुपए प्रति शेयर की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है।

सरकार पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार की आय पर 1.5 लाख करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा 1 रुपए प्रति लीटर दाम घटने से 14,000-16,000 करोड़ रुपए का घाटा होगा। 1 फीसदी दाम घटने से महंगाई दर का असर 1.5 फीसदी कम होगा। भारत की GDP ग्रोथ 6-6.5 फीसदी के बीच रहनी संभव है।

एक्साइज घटी, OMCs को फायदा

एक्साइज घटने से OMCs की अंडर रिकवरी खत्म होगी। ब्रेंट के 105 डॉलर पर रहने से पेट्रोल में 11 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 14 रुपए प्रति लीटर नुकसान का अनुमान है। OMCs के FY27 के मुनाफे में 80-90 फीसदी गिरावट की आशंका है।

RIL पर क्या होगा असर

डीजल एक्सपोर्ट पर अतिरिक्त टैक्स से RIL पर निगेटिव असर होगा। RIL कुल उत्पादन का 35–40 फीसदी डीजल एक्सपोर्ट करता है। अब डीजल एक्सपोर्ट पर 21.5 रुपए प्रति लीटर का एडिशनल टैक्स लगेगा।

 

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