Published on 24/02/2026 05:41 PM
जेपी मॉर्गन चेस के CEO जेमी डिमन ने सोमवार को चेतावनी दी कि कुछ फाइनेंशियल कंपनियां प्रॉफिट बढ़ाने के लिए "बेवकूफी भरी हरकतें" कर रही हैं। इसकी तुलना उन्होंने 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल संकट से पहले के सालों से की। बैंक के सालाना इन्वेस्टर अपडेट में बोलते हुए, डिमन ने कहा कि क्रेडिट साइकिल में अचानक झटके लगते रहते हैं। उन्होंने कहा,"क्रेडिट साइकिल में हमेशा कोई न कोई सरप्राइज़ होता है,इसमें असली सवाल अक्सर यह होता है कि आखिर में किस सेक्टर को नुकसान होता है"।
उन्होंने कहा,"आपने 2008 और 2009 में यूटिलिटीज़ और फ़ोन कंपनियों से झटके की उम्मीद नहीं की थी, इस बार AI की वजह से सॉफ़्टवेयर कंपनियों से झटका लग सकता है।"
उन्होंने यह बात सॉफ़्टवेयर स्टॉक्स में तेज़ी से आई ग्लोबल बिकवाली के बीच कही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेडिशनल बिज़नेस मॉडल्स को बिगाड़ सकता है, इस डर के वजह से सॉफ़्टवेयर स्टॉक्स में भारी गिरावट देखने को मिली है। सोमवार को, IBM के शेयर्स में 13.2 फीसदी की गिरावट आई। यह 2000 के बाद की एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी। एंथ्रोपिक के क्लाउड AI टूल से जुड़े अपडेट्स ने इन्वेस्टर्स को बेचैन कर दिया है।
एक सवाल के जवाब में,डिमन ने कहा कि मौजूदा माहौल उन्हें 2008 के संकट से पहले के तीन सालों की याद दिलाता है। उस समय एसेट की कीमतें आसमान छू रही थीं और पूरे सिस्टम में लेवरेज बढ़ रहा था। उन्होंने आगे कहा कि इस समय भी कुछ कंपनियां तेज़ी से इंटरेस्ट इनकम (लेंडिंग और इन्वेस्टमेंट से होने वाली कमाई) के पीछे भाग रही हैं,भले ही उनको बहुत ज़्यादा रिस्क लेना पड़ रहा हो।
डिमन ने किसी खास फर्म का नाम लिए बिना कहा "जब हर कोई पैसा बना रहा हो और हर कोई खुश हो,तो आपको ठगा सा महसूस होता है। इस अच्छे माहौल के बीच जब मैं सभी बातों को ध्यान में रखकर सोचता हूं तो मुझे लगता है कि सावधान रहने की जरूरत है"।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता
डिमन ने US इकॉनमी को लेकर भी चिंता ज़ाहिर की। उन्होंने एसेट की बढ़ी हुई कीमतों और बैंकिंग में ज़बरदस्त कॉम्पिटिशन की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये हालात 2008 से पहले के दौर जैसे हैं।
हालांकि कुछ इकोनॉमिस्ट को उम्मीद है कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की टैक्स और डीरेगुलेशन पॉलिसी से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा,लेकिन डिमन ने कहा कि जब उम्मीद ज़्यादा होती है तो उनका मन डाउनसाइड रिस्क पर फोकस करने का होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इकोनॉमिक साइकिल में बदलाव होता रहता है। जिससे कर्ज लेने वाले डिफ़ॉल्ट कर सकते हैं,जिसका असर ऐसे सेक्टर पर भी पड़ सकता है जिसके बारे में अनुमान न लगाया गया हो।हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।