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Fino Payments Bank: स्मॉल फाइनेंस बैंक बनने के लिए दी गई इन-प्रिंसिपल मंजूरी पर RBI लगा सकता है रोक

Published on 02/03/2026 08:44 AM

फिनो पेमेंट्स बैंक के MD और CEO ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद हो सकता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इसे स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) बनने के लिए दी गई इन-प्रिंसिपल मंजूरी पर रोक लगा दे। पता चला है कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए RBI ने गुप्ता की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी मांगी है, और यह भी कि क्या बैंक कथित गड़बड़ियों में शामिल था। टैक्स अधिकारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) से संबंधित कानून का उल्लंघन करने के आरोप में ऋषि गुप्ता को गिरफ्तार किया है।

मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने मनीकंट्रोल को बताया, "जब तक बैंक के कथित गलत कामों में शामिल होने की बात साफ नहीं हो जाती, तब तक RBI फिनो को पेमेंट्स बैंक से SFB में बदलने की इजाजत नहीं दे सकता है।" दिसंबर 2025 में RBI ने फिनो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को स्मॉल फाइनेंस बैंक में कनवर्ट होने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। फिनो को SFB में कनवर्ट होने के लिए 18 महीने मिले थे।

गुप्ता को CGST और SGST अधिनियम, 2017 के सेक्शन 132(1)(a) और 132(1)(i) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। CGST का सेक्शन 132(1)(a) बिना इनवॉइस के सामान/सर्विस सप्लाई करने से जुड़ा है। SGST का सेक्शन 132(1)(i) उन मामलों से जुड़ा है, जहां टैक्स चोरी या गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) 5 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस सेक्शन के तहत 5 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

अवैध धन की हेराफेरी के लिए मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल

GST खुफिया महानिदेशालय (DGGI) फिनो पेमेंट्स बैंक की GST चोरी की जांच कर रहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि बैंक पर देश में प्रतिबंधित ऑनलाइन मनी गेमिंग से हासिल अवैध फंड की हेराफेरी करने के लिए फर्जी कंपनियों और पेमेंट प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने का शक है। GST चोरी करोड़ों रुपये की बताई जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि DGGI के बार-बार रिमाइंडर और समन के बावजूद गुप्ता और फिनो पेमेंट्स बैंक जरूरी जानकारी और डॉक्यूमेंट्स देने में नाकाम रहे। इसके चलते गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, DGGI हैदराबाद एक कथित इंटरनेशनल ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट की जांच कर रहा है, जो कथित तौर पर 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन में शामिल है। एजेंसी उसकी भूमिका और ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट में दूसरे आरोपी लोगों से उसके लिंक्स की जांच कर रही है। गुप्ता के विदेश दौरों की भी जांच चल रही है।

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KYC में चूक की संभावना

मनीकंट्रोल के सूत्रों ने नो-योर-कस्टमर (KYC) नियमों के पालन में संभावित चूक का भी संकेत दिया है। एक सीनियर बैंक एग्जीक्यूटिव के मुताबिक, “RBI ने बैंक से डिटेल्स मांगी हैं। शुरुआती फीडबैक के आधार पर, यह मामला खास तौर पर थर्ड-पार्टी ट्रांजेक्शन से जुड़े मामलों में नियमों का ठीक से पालन न होने का लगता है। इनमें से कुछ ट्रांजेक्शन ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं, जो पहले से ही संदिग्ध प्रैक्टिस के लिए जांच के दायरे में हैं।”

एक सूत्र ने कहा, “पेमेंट्स बैंकों को KYC कंप्लायंस के मामले में कुछ छूट होती है। कुछ मामलों में, कस्टमर को ऑन-बोर्ड करते समय पार्शियल KYC किया गया था। लेकिन इनमें से कुछ कस्टमर्स ने तय टाइम में फुल KYC नहीं कराया, जिससे नियमों के पालन में चूक हुई।”

फिनो का जवाब

​गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद फिनो पेमेंट्स बैंक ने कहा कि जांच बैंक के GST अनुपालन से संबंधित नहीं है बल्कि इसका संबंध बैंक के व्यापारिक साझेदारों से है। बैंक सभी जरूरी जानकारी देने के लिए अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है। फिलहाल बैंक पर कोई असर नहीं है। बैंक ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद, एक विशेष बोर्ड मीटिंग बुलाई गई। इसमें बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर केतन मर्चेंट को संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया ताकि वे दैनिक कार्यों का संचालन और देखरेख कर सकें।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।