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FMCG Stocks: टैक्स में राहत, जीएसटी में कमी और कम इनफ्लेशन का असर एफएमसीजी स्टॉक्स पर दिख सकता है

Published on 07/01/2026 05:06 PM

एफएमसीजी कंपनियों के लिए साल 2026 बेहतर दिख रहा है। इनकम टैक्स में राहत और जीएसटी रेट्स में कमी का फायदा एफएमसीजी कंपनियों को हो सकता है। डाबर इंडिया, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, मैरिको जैसी एफएमसीजी कंपनियों ने वॉल्यूम ग्रोथ बढ़ने के शुरुआती संकेत दिए हैं। कंपनियों का मानना है कि इनफ्लेशन में कमी का पॉजिटिव असर भी इंडस्ट्री पर पड़ेगा।

घरेलू और विदेशी बाजार में अच्छे प्रदर्शन की बदौलत दिसंबर तिमाही में एफएमसीजी कंपनियों की ऑपरेटिंग प्रॉफिट ग्रोथ बेहतर रह सकती है। मैरिको और जीसीपीएल का घरेलू वॉल्यूम ग्रोथ गाइडेंस लगातार अच्छा बना हुआ है। हालांकि, डाबर के लिए तस्वीर उतनी अच्छी नहीं है। डाबर का प्रदर्शन मिलाजुला रह सकता है।

डाबर के होम और पर्सनल केयर सेगमेंट की ग्रोथ डबल डिजिट में रह सकती है। इसमें ग्रामीण इलाकों में डिमांड मं रिकवरी और जीएसटी रेट्स में कमी का हाथ होगा। खासकर ओरल और हेयर केयर कैटेगरीज की ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है। डाबर के हेल्थकेयर पोर्टफोलियो की ग्रोथ सुस्त रह सकती है। हेल्थ और वेलनेस सेगमेंट में मार्केट लीडरशिप के बावजूद च्वयनप्राश और बेवरेजेज कैटेगरी की ग्रोथ सुस्त रह सकती है। डाबर का शेयर बीते एक साल में 2.24 फीसदी चढ़ा है।

मैरिको के डोमेस्टिक वैल्यू में तिमाही दर तिमाही आधार पर इम्प्रूवमेंट दिख सकता है। कोपरा की कीमतों में नरमी से कंपनी के पैराशूट पोर्टफोलियो का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। कमोडिटी की कीमतों में तेजी खत्म होने पर कंपनी के मार्जिन में भी अच्छी रिकवरी दिख सकती है। जीएसटी में कमी से कंपनी प्रीमियम हेयर केयर पोर्टफोलियो VAHO की ग्रोथ अच्छी रह सकती है। कंपनी का डिजिटल फर्स्ट बिजनेस 1,000 करोड़ से ज्यादा हो गया है।

गोदरेज कंज्यूमर का प्रदर्शन भी अच्छा रहने की उम्मीद है। कंसॉलिडेटेड लेवल पर कंपनी की रेवेन्यू और EBIDTA ग्रोथ डबल डिजिट में रह सकती है। स्टैंडएलोन बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा रहने की उम्मीद है। इसमें कोर होम केयर सेगमेंट का हाथ होगा। पर्सनल केयर सेगमेंट की ग्रोथ मिड सिंगल डिजिट में रह सकती है। सोप पोर्टफोलियो में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़ सकती है।

एचयूएल, ब्रिटानिया और नेस्ले को भी कंजम्प्शन बढ़ने का फायदा मिल सकता है। शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में डिमांड स्ट्रॉन्ग है। इनफ्लेशन में कमी और मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी से भी कंजम्प्शन को सपोर्ट मिला है। हालांकि, सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए बदलते कंज्यूमर ट्रेंड्स के हिसाब से कंपनियों को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बदलाव करना होगा। एचयूएल, मैरिको, जीसीपीएल और इमामी ने ई-कॉमर्स पर फोकस बढ़ाया है।

डाबर के शेयरों में ज्यादातर प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेडिंग हो रही है। इसकी वजह घरेलू बाजार में कमजोर वॉल्यूम ग्रोथ हो सकती है। जीसीपीएल और मैरिको की वैल्यूएशन ठीक लग रही है। इमप्रूव्ड एग्जिक्यूशन और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन को देखते हुए इनवेस्टर्स इन कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।