Published on 14/03/2026 03:08 PM
भारत की घरेलू बचत (Household Savings) तेजी से पारंपरिक बैंक जमा से हटकर मार्केट से लिंक निवेशों जैसे म्यूचुअल फंड्स, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स (AIFs) की ओर बढ़ रही है। यह बात IDFC FIRST Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO वी. वैद्यनाथन ने Moneycontrol के Global Wealth Summit में कही। भारत की हाउसहोल्ड वेल्थ की बदलती संरचना के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में देश का फाइनेंशियल एसेट बेस तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह है कि निवेशक धीरे-धीरे बैंक डिपॉजिट्स से आगे बढ़कर अपने निवेश में विविधता ला रहे हैं।
वैद्यनाथन के मुताबिक, "भारत के हाउसहोल्ड फाइनेंशियल एसेट्स अब लगभग 19.3 लाख करोड़ डॉलर के हैं। वित्तीयकरण (Financialisation) बढ़ रहा है।" निवेश उत्पादों के बढ़ने के बावजूद हाउसहोल्ड सेविंग्स में बैंक डिपॉजिट्स का हिस्सा अभी भी बड़ा है।
वैद्यनाथन ने कहा कि हाउसहोल्ड बैंक डिपॉजिट्स में इस समय 150 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। यह भारत के बचत इकोसिस्टम में बैंकिंग प्रणाली के लगातार बरकरार महत्व को दर्शाता है। वैद्यनाथन के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में बैंक डिपॉजिट 2.6 गुना बढ़कर आज 240 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं।
म्यूचुअल फंड्स और निवेश के अन्य इंस्ट्रूमेंट्स की ग्रोथ
यह भी कहा कि म्यूचुअल फंड्स बहुत अच्छी तरह से बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में कुल म्यूचुअल फंड निवेश 7 गुना बढ़ गया है। म्यूचुअल फंड निवेश लगभग 80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पूंजी बाजारों में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। निवेश के अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार हुआ है। वैद्यनाथन ने कहा कि पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) का बाजार लगभग 7 गुना बढ़ गया है। यह लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह, अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स (AIF) का बाजार लगभग 12 गुना बढ़ गया है। यह लगभग 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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पीढ़ी-दर-पीढ़ी संपत्ति का बड़ा ट्रांसफर
वैद्यनाथन के मुताबिक, भारत के वेल्थ लैंडस्केप को आकार देने वाला एक और संरचनात्मक रुझान है- पीढ़ियों के बीच संपत्ति के ट्रांसफर में वृद्धि। यह धीरे-धीरे परिवारों को निवेश उत्पादों की खोज करने के लिए प्रेरित कर रहा है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी संपत्ति का बड़ा ट्रांसफर भी हो रहा है। निवेशक अक्सर शुरुआत में पारंपरिक बचत उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं और समय के साथ निवेश के विकल्पों की ओर बढ़ते हैं। वैद्यनाथन ने कहा कि वित्तीय संस्थान इस बदलाव को देखते हुए वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज का विस्तार करके उन्हें ग्राहकों के एक बड़े वर्ग तक पहुंचा रहे हैं।हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।