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H-1B Visa News: इन आईटी शेयरों पर पड़ सकता है सबसे अधिक असर, एक्सपर्ट्स ने बताई वजह

Published on 22/09/2025 03:48 PM

IT Stocks: अमेरिका के H-1B वीजा फीस बढ़ाने के ऐलान के बाद आज 22 सितंबर को भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी दबाव देखा गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स के सभी शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। परसिस्टेंट सिस्टम, टेक महिंद्रा, कोफोर्ज, एमफैसिस और इंफोसिस जैसी कंपनियों के शेयर 6 फीसदी तक टूट गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका ने H-1B वीजा के लिए फीस को करीब 100 गुना बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया है। यह फीस वीजा आवेदन करते समय देना होगा।

परसिस्टेंट सिस्टम, कोफोर्ज और एमफैसिस जैसी मिडकैप आईटी कंपनियों ने शेयर बाजारों को भेजे बयान में बताया कि H-1B वीजा फीस बढ़ोतरी से उनके कारोबार पर सीमित असर पड़ेगा। हालांकि इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसी बड़ी कंपनियों पर इसका अधिक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

आइए जानते हैं कि ब्रोकरेज फर्मों की इस मामले में क्या राय है?

BofA Securities

बोफा सिक्योरिटीज का मानना ​​है कि नए H-1B वीजा फीस से आईटी कंपनियों की अर्निंग प्रति शेयर (EPS) पर अगले 3 सालों में 7% से 17% तक का असर पड़ सकता है। हालांकि, ऑफशोरिंग और नियर-शोरिंग जैसे कदम उठाकर कंपनियां 3 से 5 सालों में इस असर को कम कर सकती हैं। BofA का मानना है कि टेक महिंद्रा इस नियम से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती है।

Jefferies

जेफरीज का कहना है कि H-1B वीजा की फीस बढ़ने से अब इसका इस्तेमाल घटेगा और कंपनियां लोकल हायरिंग, सब-कॉन्ट्रैक्टिंग और ऑफशोरिंग पर ज्यादा ध्यान देंगी। इसके चलते ऑनसाइट वेतन बढ़ सकता है और जिससे मुनाफे में 4% से 13% तक की गिरावट आ सकती है।

साथ ही उसने ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव और AI जोखिमों के कारण ग्रोथ रफ्तार धीमी होने की भी आशंका जताई है। Jefferies का मानना है कि लार्जकैप में टीसीएस और इंफोसिस सबसे बेहतर स्थिति में हैं। वहीं मिडकैप्स में Coforge सबसे सुरक्षित है।

CLSA

CLSA का कहना है कि H-1B वीजा फीस बढ़ोतरी असर सीमित रहेगा क्योंकि यह नियम केवल नए H-1B आवेदनों पर ही लागू होंगे, रिन्यूअल्स पर नहीं। ब्रोकरेज ने कहा कि उसके कवरेज में आने वाली भारतीय आईटी कंपनियों के लिए आईटीवित्त वर्ष 2027 तक 6% तक का अंतर आएगा, बशर्तें कि कंपनियां सारा बोझ कर्मचारियों पर न डालकर खुद उठाएं। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि LTIMindtree और परसिस्टेंट सिस्टम्स पर इसका सबसे अधिक असर दिख सकता है। वहीं टीसीएस पर सबसे कम प्रभाव पड़ने की संभावना है।

Nomura

Nomura का मानना है कि सबसे खराब स्थिति में आईटी कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर 10 से 100 बेसिस पॉइंट्स का असर दिखाई दे सकता है। हालांकि, किसी भी तेज गिरावट को यह ब्रोकरेज निचले स्तरों पर खरीदारी के मौके के रूप में देख रही है। ब्रोकरेज ने लार्जकैप आईटी कंपनियों में इंफोसिस और कॉग्निजेंट को अपनी टॉप पिक बताया है। वहीं मिडकैप शेयरों में उसने कोफोर्ज और फर्स्टसोर्स को पसंदीदा स्टॉक बताया है।

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