Published on 19/03/2026 09:52 AM
HDFC Bank Share Price: एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज 19 मार्च को भारी गिरावट देखने को मिली। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद शेयर इंट्राडे में करीब 9% तक टूट गया। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली और सुबह 9:25 बजे तक शेयर लगभग 5.4% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। इससे पहले बुधवार को भी शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ था।
चेयरमैन के इस्तीफे ने बढ़ाई चिंता
अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले दो सालों में बैंक के भीतर जो कुछ घटनाएं और काम के तरीके देखे, वे उनकी व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। इसी वजह से उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने अपने पत्र में बैंक के इंडिपेंडेंट डायरेक्टरों और विभिन्न विभागों की सराहना भी की, लेकिन साथ ही संकेत दिया कि संगठन में बदलाव की जरूरत है।
चक्रवर्ती मई 2021 में HDFC बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे। वे फाइनेंस मिनिस्ट्री में सेक्रेटरी, वर्ल्ड बैंक बोर्ड में अल्टरनेट गवर्नर और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड (NIIF) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। वे गुजरात कैडर के IAS ऑफिसर थे।
केकी मिस्त्री बने अंतरिम चेयरमैन
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद, HDFC लिमिटेड के पूर्व सीईओ केकी मिस्त्री को बैंक ने अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मंजूरी मिल चुकी है।
मैनेजमेंट में और बदलाव के संकेत
बैंक के टॉप मैनेजमेंट में भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जावेरी का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है और उन्होंने दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI ने उनके बोर्ड में बने रहने को लेकर असहजता जताई थी। जावेरी, ऑरियनप्रो सॉल्यूशंस के प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा हैं, जो बैंक का टेक्नोलॉजी वेंडर भी है।
विदेशी बाजार में भी असर
इन घटनाक्रमों का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखा। अमेरिका में सूचीबद्ध HDFC बैंक के ADRs में 7% से ज्यादा की गिरावट आई, हालांकि बाद में इनमें कुछ सुधार भी देखा गया।
ब्रोकरेज की राय
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने HDFC बैंक के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ की रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,090 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि चेयरमैन का इस्तीफा निवेशकों के सेंटीमेंट पर नकारात्मक असर डाल सकता है और निकट भविष्य में शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
जेपी मॉर्गन ने यह भी संकेत दिया कि इस्तीफे की वजहें बोर्ड और मैनेजमेंट के बीच संभावित मतभेद की ओर इशारा करती हैं, जिसका असर भविष्य के फैसलों और एग्जिक्यूशन पर पड़ सकता है।
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