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ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पहला संदेश- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखने की बात, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की चेतावनी

Published on 12/03/2026 09:00 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखना ईरान के दुश्मनों पर दबाव बनाने का तरीका हो सकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने हमलों के निशाने पर आ सकते हैं।

यह संदेश उनके पिता की मौत के बाद सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहला सार्वजनिक बयान माना जा रहा है। यह बयान ईरान के सरकारी टेलीविजन पर एक प्रस्तोता ने पढ़कर सुनाया। खामेनेई खुद कैमरे पर दिखाई नहीं दिए।

होर्मुज के सहारे दबाव बनाने की बात

अपने संदेश में खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ टकराव में ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रणनीतिक अहमियत का इस्तेमाल करना चाहिए।

यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है। दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है। खामेनेई ने कहा कि इस जलडमरूमध्य को बंद रखना ईरान के विरोधियों पर दबाव बनाने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों हमले की चेतावनी

खामेनेई ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो इन ठिकानों पर हमले किए जा सकते हैं।

बदला लेने की बात दोहराई

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में क्षेत्र में कई हमले और जवाबी हमले हो चुके हैं। खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने खिलाफ की गई कार्रवाई का जवाब देता रहेगा। उन्होंने कहा कि संघर्ष में मारे गए लोगों का बदला लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा।'

खामेनेई ने यह भी कहा कि ईरान अपने दुश्मनों से नुकसान की भरपाई की मांग करेगा। अगर वे मना करते हैं तो उनके संसाधनों को निशाना बनाया जाएगा या नष्ट किया जाएगा। उन्होंने युद्ध में मारे गए ईरानियों का जिक्र करते हुए कहा कि एक स्कूल पर हुए हमले में मारे गए लोगों का भी बदला लिया जाएगा।

वैश्विक तेल बाजार के लिए अहम है होर्मुज

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी गई यह चेतावनी इसलिए भी अहम है क्योंकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में इसकी बड़ी भूमिका है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की ढुलाई इसी समुद्री रास्ते से होती है। अगर यहां किसी तरह की रुकावट आती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

हाल के दिनों में जहाजों पर हमलों और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता पहले ही बढ़ चुकी है। इससे बड़े नौसैनिक टकराव की आशंका भी जताई जा रही है।

ईरान ने दी लंबे युद्ध की चेतावनी

इससे पहले ईरान ने चेतावनी दी थी कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ लंबे समय तक युद्ध लड़ सकता है। ईरान का कहना है कि ऐसा संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार देर रात कहा कि ईरान जल्द ही हार के करीब पहुंच सकता है।

तेल बाजार पर पड़ा असर

होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव का असर ऊर्जा बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। कई देशों को अपने रणनीतिक तेल भंडार से आपूर्ति जारी करनी पड़ी है और अमेरिका ने भी अपने स्टॉक से सीमित मात्रा में तेल जारी किया है। इससे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया है।

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमला किया था, जिसके बाद से तेल बाजार में तेजी देखी जा रही है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे पश्चिम एशिया में संघर्ष भड़क गया। इसके बाद ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई।

इस स्थिति के चलते कई देशों को संभावित आर्थिक असर को संभालने के लिए आपात कदम उठाने पड़े हैं। वहीं ट्रंप ने कहा कि ईरान अब 'लगभग अंत की स्थिति' में पहुंच चुका है।

UNSC Resolution: भारत समेत 135 देशों ने ईरान के पड़ोसी मुल्कों पर हमलों की निंदा की, रूस-चीन ने वोटिंग से बनाई दूरीहिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।