Published on 23/03/2026 10:02 AM
Innovision IPO Listing: टोल मैनेजमेंट और कई सेक्टर्स को मैनपावर मुहैया कराने वाली इवोविजन आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग गेन नहीं दे पाई। आज इसके शेयरों की भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो आधे से थोड़ा अधिक ही भर पाया था। आईपीओ के तहत ₹519 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹466.00 और NSE पर ₹467.70 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि आईपीओ निवेशकों की करीब 10% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹432.00 (Innovision Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 16.76% घाटे में हैं।
Innovision IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
इनोविजन का ₹319 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 10-17 मार्च तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 3.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 14.30 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.60 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.60 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹255 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 12.38 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹51.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹119 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Innovision के बारे में
वर्ष 2007 में बनी इनोविजन मैनपावर सर्विसेज, टोल प्लाजा मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग जैसी सर्विसेज ऑफर करती है। देश भर में इसके 35 रजिस्टर्डर और कॉरपोरेट ऑफिस हैं। 15 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से इसका कारोबार देश के 23 राज्यों और 5 यूनियन टेरिटरीज में फैला हुआ है। इसके तीन ऑपरेशनल सेगमेंट्स- मैन्ड प्राइवेट सिक्योरिटीज सर्विसेज, इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज और मैनपावर सोर्सिंग एंड पेरोल हैं। इसके ग्राहक रिटेल, हेल्थकेयर, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और बीएफएसआई सेक्टर्स से हैं। इसके ग्राहक मैक्स हेल्थकेयर, स्टेलर वैल्यू चेन जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹8.88 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹10.27 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹29.02 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 86% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹895.95 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹20.00 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹483.10 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹112.39 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹83.43 करोड़ पड़े थे।
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