Published on 02/01/2026 08:39 PM
टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव का सिगरेट कंपनियों के शेयरों पर तुरंत असर पड़ता है। सरकार के टुबैको प्रोडक्ट्स के टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव का असर सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। सरकार का यह फैसला 1 फरवरी, 2026 से लागू होगा। सिगरेट बनाने वाली कंपनियों में आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स शामिल हैं।
आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में बड़ी गिरावट
सरकार ने टुबैको प्रोडक्ट्स पर जीएसटी 28 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया है। बीड़ी पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। हालांकि, सरकार ने कंपनसेशन सेस हटा दिया है। इस फैसले से ITC का शेयर करीब 10 फीसदी और Godfrey Philips का शेयर 17 फीसदी से ज्यादा गिरा है।
सरकार ने सिगरेट पर ट्रैक्स स्ट्रक्चर में किया बड़ा बदलाव
सरकार ने मशीन की कपैसिटी पर अधारित एक्साइज ड्यूटी कैलकुलेश मेथड की भी शुरुआत की है। नए फ्रेमवर्क के तहत स्पेशिफिक एक्साइज ड्यूटी मशीन की कपैसिटी और रिटेल प्राइसेज पर आधारित होगी। नया स्ट्रक्चर पुराने बेसिक एक्साइज ड्यूटी (BED) की जगह लेगा। इसमें प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक पर 5-10 रुपये से लेकर 21,00-8500 रुपयेकी बीईडी लगती थी। यह रिटेल सेल्स प्राइस पर लगती थी। नए टैक्स स्ट्रक्चर से सिगरेट काफी महंगा हो जाएगा।
नए स्ट्रक्चर से टैक्स 40-45 फीसदी तक बढ़ सकता है
नए टैक्स स्ट्रक्चर से टैक्स 40-45 फीसदी तक बढ़ जाने का अनुमान है, जिसमें नेशनल कलैमिटी कंटिजेंट ड्यूटी (NCCD) शामिल है। एनसीसीडी कितनी लगेगी अभी इस जानकारी का इंतजार है। प्रोडक्शन के वॉल्यूम की जगह सालाना प्रोडक्शन कपैसिटी पर ड्यूटी लगाने से टैक्स की चोरी रुकेगी। इससे लंबी अवधि में आईटीसी जैसी बड़ी कंपनियों को फायदा होगा। हालांकि, इससे सिगरेट कंपनियां टैक्स का बोझ ग्राहकों पर डालने को मजबूर होंगी। इससे सिगरेट की कीमतें 20-30 फीसदी बढ़ जाएंगी।
सिगरेट की वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ेगा असर
इसका असर सिगरेट की वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन पर भी पड़ेगा। इससे सिगरेट का अवैध व्यापार भी शुरू हो सकता है। शॉर्ट टर्म में इसका असर आईटीसी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। सिगरेट बिजनेस में डिमांड पर असर पड़ सकता है। ऐसे में आईटीसी का फोकस एफएमसीजी, एग्री और पेपर जैसे बिजनेसेज पर बढ़ सकता है। लंबी अवधि में ये बिजनेसेज कंपनी की ग्रोथ में बड़ा योगदान कर सकते हैं।
सिगरेट बिजनेस में आईटीसी की दमदार पोजीशन
आईटीसी ने सिगरेट बिजनेस में पोर्टफोलियो का विस्तार किया है, इनोवेशन पर फोकस बढ़ाया है और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं। इसका फायदा कंपनी को मिला है। कंपनी का डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क काफी व्यापक है। इसने क्लासिक, गोल्ड फ्लेक और अमेरिकन क्लब जैसे प्रमुख ब्रांड्स के तहत कई इनोवेटिव वेरिएंट्स लॉन्च किए हैं। इससे कंपनी को सिगरेट मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत बनाने में मदद मिली है।
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क्या आपको शेयरों में निवेश करना चाहिए?
कीमतों में तेज गिरावट के बाद आईटीसी के शेयर में उसके 10 साल के औसत पी/ई से कम पर ट्रेडिंग हो रही है। ज्यादातर एफएमसीजी कंपनियों के मुकाबले यह वैल्यूएशन कम है। टैक्स के मामले में अनिश्चितता का असर कंपनी के शेयरों पर पड़ सकता है। इसके बावजूद शेयरों का मौजूदा भाव अट्रैक्टिव लगता है। इस भाव पर शेयरों में निवेश बढ़ाया जा सकता है।हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।