Published on 19/07/2025 12:09 PM
अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने एस्क्रो अकाउंट में 4,843.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। इसके बावजूद उसे इंडिया में दोबारा ट्रेडिंग शुरू करने के लिए सेबी की हरी झंडी नहीं मिली है। दरअसल, स्टॉक एक्सचेंजों को अब तक जेन स्ट्रीट पर रोक हटने की कोई औपचारिक जानकारी सेबी से नहीं मिली है। सेबी ने 3 जुलाई को जेन स्ट्रीट के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया था। इसमें जेन स्ट्रीट और उससे जुड़ी कंपनियों के इंडियन मार्केट में किसी तरह की ट्रेडिंग करने पर रोक लगा दी गई थी।
जेन स्ट्रीट पर इंडियन स्टॉक मार्केट्स में मैनिपुलेशन का आरोप है। उसने जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच इंडियन मार्केट में मैनिपुलेशन के जरिए अकूत कमाई की। उसने इसके लिए एक खास ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल किया। इससे जेन स्ट्रीट को तो भारी प्रॉफिट हुआ, लेकिन इंडियन इनवेस्टर्स को नुकसान उठाना पड़ा। उसकी खास ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी के इस्तेमाल से शेयर बाजार में काफी ज्यादा उतारचढ़ाव होता था।
सेबी के एक सोर्स ने कहा कि जेन स्ट्रीट पर लगी रोक का हटना प्रक्रिया से जुड़ा मामला है। इसके पीछे रेगुलेटर की कोई दूसरी मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर ऐसे मामले में जब्त किए गए एसेट्स पर लाइएन डॉक्युमेंट्स की जांच होती है। यह एक आम प्रक्रिया है। बैन नहीं हटने के पीछे कोई दूसरी वजह नहीं है। मनीकंट्रोल ने 14 जुलाई को सबसे पहले बताया था कि जेन स्ट्रीट ने एक एस्क्रो अकाउंट में 4,843.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए है। इस पैसे का लाइअन (lien) सेबी के पास है।
मार्केट पार्टिसिपेंट्स को उम्मीद थी कि पैसा एस्क्रो अकाउंट में जमा होने के बाद जेन स्ट्रीट पर लगी रोक हट जाएगी। उसके बाद सेबी एक्सचेंजों और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस को इस बारे में औपचारिक निर्देश जारी कर देगा। सेबी ने जेन स्ट्रीट के खिलाफ जारी आदेश में अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म को किसी तरह से फ्रॉडुलेंट, मैनिपुलेटिव और अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज का इस्तेमान नहीं करने को कहा था।Tags: #share marketsFirst Published: Jul 19, 2025 12:09 PMहिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।