Published on 23/12/2025 10:01 AM
KSH International IPO Listing: मैग्नेट वायर बनाने वाली केएसएच इंटरनेशनल के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 13 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹384 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹370.00 और NSE पर भी ₹370.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 3.65% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर BSE पर यह ₹358.70 (KSH International Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 6.59% घाटे में हैं।
KSH International IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
केएसएच इंटरनेशनल का ₹644 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस नहीं मिला था और यह पूरा भर भी नहीं पाया था। ओवरऑल यह 0.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.12 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.91 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹420 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 58,45,001 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹225.98 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹87.02 करोड़ दो प्लांट पर नई मशीनरी की खरीदारी और सेटअप, ₹8.83 करोड़ इसकी सुपा फैसिलिटी में पावर जेनेरेशन के लिए रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की खरीदारी और सेटअप और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
KSH International के बारे में
वर्ष 1979 में बनी केएसएच इंटरनेशनल देश में मैग्नेट वायर बनाने वाली तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और निर्यात के मामले में सबसे बड़ी है। यह 'KSH' ब्रांड के तहत काम करती है और पावर, रिन्यूएबल्स, रेलवेज, ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल्स जैसे सेक्टर्स की ओईएम (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) को माल सप्लाई करती है। यह पावर ग्रिड और एनटीपीसी जैसी सरकारी कंपनियों को माल भेजती है तो साथ ही अमेरिका, जर्मनी, यूएई और जापान समेत 24 देशों को निर्यात भी करती है। इसकी महाराष्ट्र के तलोजा और चाकन में तीन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज है तो अहिल्यानगर के सुपा में एक चौथा प्लांट भी तैयार हो रहा है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹26.61 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹37.35 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹67.99 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 35% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹1,938.19 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में कंपनी को ₹22.68 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹562.60 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। जून 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹379.39 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹293.07 करोड़ पड़े थे।
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