News Image
Money Control

Market insight : अमेरिका में बढ़ रहा खतरा, भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट का डर नहीं

Published on 19/11/2025 01:11 PM

Market outlook : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए First Global की चेयरपर्सन और MD देविना मेहरा ने कहा कि ग्लोबल मार्केट का मतलब सिर्फ अमेरिकी बाजार ही नहीं है। अमेरिका में 10-12 साल का काफी लंबा आउटपरफॉर्मेंस देखने को मिला। कभी न कभी इस पर ब्रेक लगना था। शायद प्रेसीडेंट ट्रंप के आने से यह ब्रेक कुछ पहले ही लग गया।

पिछले कई महीने से मार्केट नैरो होता जा रहा था। सिर्फ टेक्नोलॉजी और उसमें भी कुछ चुनिंदा शेयर ही तेजी में थे। नैस्डैक पर नजर डालें तो बिना रेवेन्यू और प्रॉफिट वाली कंपनियां ज्यादा चल रही थीं। ये खतरे की घंटी थी है। अब जापान में भी खतरा बढ़ रहा है। यहां लॉन्ग टर्म बॉन्ड की यील्ड अपने अब तक के हाइएस्ट लेवल पर दिख रही है। इसके वजह से दुनिया के फाइनेंशियल सिस्टम पर असर पड़ सकता है।

अमेरिका में बढ़ रहा खतरा

देविना मेहरा ने बताया कि उनका फंड पूरे साल अमेरिका पर अंडरवेट रहा है। लेकिन यूरोपीय और चाइनीज मार्केट का वेट बढ़ाया गया है। उन्होंने आगे कि दुनिया के सारे बाजार एक जैसे ही नहीं चलते लेकिन अमेरिका में तो खतरा बढ़ रहा है और AI सवालों के घेरे में है। AI को लेकर अभी अनिश्चितता है।

भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट का खतरा नहीं

भारतीय बाजारों पर बात करते हुए देविना मेहरा ने कहा कि भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट का खतरा नहीं है। लेकिन चाहे आप 25 साल के ही हों तो भी अपना सारा पैसा सिर्फ इक्विटी में न लगाएं। जो भी आपका इक्विटी एलोकेशन है उसमें बने रहें। बाजार के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है। अब अर्निंग्स में भी सुधार दिख रहा है। तीसरी तिमाही के नतीजे और बेहतर रहने की उम्मीद है। इससे बाजार को सपोर्ट मिलेगा।

अलग-अलग सेक्टरों पर बात करते हुए देविना मेहरा ने कहा कि कैपिटल गुड्स पर मार्केट वेट नजरिया है। ये सेक्टर न बहुत बुरा है और बहुत अच्छा है। फार्मा, हेल्थकेयर, ऑटो एंसिलियरी और FMCG पर ओवरवेट नजरिया है। बैंकिंग और OMCs में निवेश बढ़ाया है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत-US ट्रेड डील के असर को कंपनी के लिहाज से देखना होगा। अमेरिका में भारत का ज्यादा निर्यात नहीं। लिस्टेड कंपनियों के यूनिट अमेरिका में है। लेकिन अगर टैरिफ घटता है तो ओवरऑल इकोनॉमी के लिए अच्छा होगा।

आईपीओ मार्केट पर अपनी राय देते हुए देविना मेहरा ने कहा कि आम निवेशकों के लिए उस समय आईपी मार्केट में भाग लेने का कोई खास मतलब नहीं होता जब IPO का बहुत ज्यादा क्रेज हो। इस समय अधिकांश इश्यू बहुत ओवर प्राइस्ड होते हैं, बहुत ज्यादा दाम पर आते हैं।

 

KEC Intl share price : पावर ग्रिड ने दिया झटका, करीब 6% टूटा KEC इंटरनेशनल का शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।