Published on 19/03/2026 06:43 PM
अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद से शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में अंतिम घंटे में खरीदारी या बिकवाली देखने को मिली है। 19 मार्च को भी यह पैटर्न देखने को मिला। गिरावट के साथ खुलने के बाद काफी समय तक मार्केट सीमित दायरे में बना रहा। लेकिन, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से अचानक सेंसेक्स में गिरावट बढ़ गई। यह सिर्फ 15 मिनट में करीब 500 अंक क्रैश कर गया।
अंतिम घंटे के 15 मिनट में 0.7 फीसदी गिरा सेंसेक्स
19 मार्च को 2:45 बजे Sensex 74,549.7 पर चल रहा था। इसके बाद सिर्फ 15 मिनट में यह गिरकर 74,023 पर आ गया। यह 500 अंक यानी 0.7 फीसदी की गिरावट थी। 19 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में 3 फीसदी गिरावट आई। यह जून 2024 के बाद किसी एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स में भी बड़ी गिरावट आई।
क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने बाजार पर बनाया दबाव
बाजार में गिरावट में एचडीएफसी बैंक के शेयरों का भी हाथ रहा। लेकिन, सबसे बड़ी वजह 18 मार्च को ईरान में ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर इजरायल के हमले थे। इस हमले के बाद क्रूड की कीमतों में आग लग गई। इसके चलते 18 मार्च को अमेरिकी बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली।
खाड़ी देशों में एनर्जी फैसिलिटीज को लेकर बढ़ रही चिंता
इजरायल ने 18 मार्च को ईरान में साऊथ पार्स गैल फील्ड और असालूायेह ऑयल फैसिलिटी को निशाना बनाया। साऊथ पार्स गैस फील्ड ईरान का सबसे बड़ा प्लांट है। इस हमले के बाद ईरान की IRGC ने गल्फ देशों में एक बार फिर एनर्जी साइट्स पर हमले की धमकी दी है। इससे क्रूड की कीमतें एक समय बढ़कर 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। हालांकि, बाद में कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
नेचुरल गैस फ्यूचर्स में 30 फीसदी से ज्यादा उछाल
19 मार्च की सुबह यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स 30 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। यह 74 यूरो प्रति MWh पर पहुंच गया। यह कीमत 2022 दिसंबर के बाद देखने को नहीं मिली थी। क्रूड और गैस की बढ़ती कीमतों की वजह से दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंकों को महंगाई बढ़ने का खतरा सता रहा है। 19 मार्च को जापान के केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ जापान की मीटिंग थी। उसने इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया।
केंद्रीय बैंकों को महंगे क्रूड से इनफ्लेशन बढ़ने का डर
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने 18 मार्च को इंटरेस्ट रेट में कोई बदलाव नहीं किया था। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वेल्थ मैनेजमेंट के हेड ऑफ रिसर्च सिद्धार्थ खेमका ने कहा, "बाजार के सेंटीमेंट पर जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स और क्रूड ऑयल की कीमतें असर डाल रही हैं। पश्चिम एशिया में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंता बढ़ रही है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में मार्केट को लेकर हम सावधानी बरत रहे हैं।"हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।