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Nazara Share Crash: तीन दिन में शेयर 18% क्रैश, यही खरीदने का मौका या दूर रहने में है भलाई? जानिए

Published on 22/08/2025 02:21 PM

Nazara Tech Shares: नजारा टेक्नोलॉजीज के शेयरों में आज 22 अगस्त को लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही। कंपनी का शेयर 3.5 फीसदी तक गिरकर 1,150 रुपये पर कारोबार कर रहा था। पिछले तीन दिनों में यह शेयर अब करीब 18.25 फीसदी तक टूट चुका है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह रही केंद्र सरकार का प्रस्तावित ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन बिल, 2025। लोकसभा से इस बिल को पास कर दिया गया है, जिसके बाद इसके शेयर में लगातार बिकवाली हो रही है। ऐसे में कई निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या अभी स्टॉक में आगे और गिरावट की संभावना है या फिर यह गिरावट लंबी अवधि के निवेश का मौका है।

क्या है नया गेमिंग बिल?

केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 को मंजूरी दी है। इस बिल का मकसद पैसे आधारित गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त निगरानी रखना है, ताकि सट्टे की लत, मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी जैसे खतरों को रोका जा सके। हालांकि, नजारा टेक ने साफ किया है कि इस बिल का उसकी अर्निंग्स या EBITDA पर कोई सीधा असर नहीं होगा।

INVasset के बिजनेस हेड हर्षल दासानी ने बताया, "कंपनी की सफाई के बावजूद, पूरे ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट नेगेटिव बना हुआ है। नजारा टेक का शेयर हाल के दिनों में लगभग 15% गिर चुका है। निवेशकों में नियामकीय सख्ती को आशंका को लेकर घबराहट देखी जा रही है।"

Moonshine Technologies की वजह से डर

नजारा टेक की रियल मनी गेमिंग बिजनेस में कोई सीधी हिस्सेदारी नहीं है। लेकिन उसकी एसोसिएट कंपनी मूनशाइन टेक्नोलॉजीज (Moonshine Technologies), पोकरबाजी नाम से एक रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म है। नजारा टेक की इस कंपनी में करीब 46 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू करीब 1,000 करोड़ रुपये मानी जा रही है।

अगर रियल-मनी गेमिंग सेक्टर पर दबाव बढ़ता है या इस सेक्टर पर रोक लगता तो निवेशक मान रहे हैं कि इस हिस्सेदारी की वैल्यू घट सकती है। हालांकि, एनालिस्ट्स का कहना है कि नजारा टेक के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में रियल-मनी गेमिंग की हिस्सेदारी नहीं है। यह रेवेन्यू मुख्य रूप से ई-स्पोर्ट्स, गेमिफाइड लर्निंग, ऐडटेक और पब्लिशिंग से आता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि नए नियमों पर स्पष्टता आने तक स्टॉक में अस्थिरता बनी रहेगी। ऐसे में शॉर्ट-टर्म में सतर्कता जरूरी है। लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से, नजारा टेक का डायवर्सिफाइड मॉडल और मजबूत बैलेंस शीट इसे भारत की गेमिंग इकोनॉमी पर दांव लगाने का एक मजबूत प्लेयर बनाता है।

हर्षल दासानी ने कहा, "अर्निंग्स के मोर्च पर टिकाऊ प्रदर्शन और मूनशाइन से जुड़े शोर-शराबे में कमी ही निवेशकों का सेंटीमेंट बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।"

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