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Nifty Outlook: पिछले हफ्ते 5% गिरा निफ्टी, अब 16 मार्च को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट से

Published on 15/03/2026 02:38 PM

Nifty Outlook: शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। इसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी रही। इन दोनों कारणों से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

निफ्टी 200 डे मूविंग एवरेज से और दूर

कमजोर सेंटीमेंट के कारण बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स में गिरावट जारी रही। बाजार में तेज बिकवाली की वजह से निफ्टी अपने 200 डे मूविंग एवरेज (DMA) से और नीचे चला गया। यह संकेत देता है कि फिलहाल बाजार में दबाव बना हुआ है।

दिन के आखिर में निफ्टी 11 महीने के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। इंडेक्स 23,200 के स्तर से नीचे फिसल गया, जो 7 अप्रैल 2025 के बाद पहली बार हुआ है। कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 488 अंक गिरकर 23,151 पर बंद हुआ।

चार साल का सबसे खराब हफ्ता

पिछले हफ्ते निफ्टी 50 में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। यह पिछले चार साल में बाजार का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन है। इससे पहले जून 2022 में एक हफ्ते के दौरान निफ्टी में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई थी।

बाजार में आई तेज गिरावट का असर कंपनियों के मार्केट कैप पर भी साफ दिखा। इस हफ्ते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 20 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई।

33 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

अगर पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से देखा जाए, तो बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में अब तक 33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। यानी कुछ ही समय में बाजार की कुल वैल्यू में बड़ी कमी आई है।

आगे बाजार की दिशा किस पर निर्भर

आने वाले समय में बाजार का रुख कई बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगा। इनमें पश्चिम एशिया संघर्ष की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां सबसे अहम रहेंगी।

अगर विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकालते रहे और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो बाजार में सावधानी का माहौल बना रह सकता है। वहीं अगर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो बाजार को कुछ राहत मिल सकती है।

बाजार का रुख अभी भी काफी कमजोर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि इस समय बाजार का कुल रुख अभी भी काफी निगेटिव बना हुआ है। उनके मुताबिक अगले हफ्ते निफ्टी अपने निचले स्तर, यानी करीब 22,900 के आसपास से हल्की रिकवरी दिखा सकता है।

हालांकि अगर इंडेक्स यहां से उछाल नहीं दिखाता है, तो आने वाले समय में गिरावट और बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में निफ्टी 22,500 से लेकर 22,000 के स्तर तक भी फिसल सकता है। वहीं ऊपर की ओर फिलहाल 23,500 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।

छोटी तेजी में भी बिकवाली हो सकती है

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि छोटे समय में बाजार का ट्रेंड कमजोर बना रह सकता है। उनके अनुसार अगर बाजार में थोड़ी तेजी भी आती है, तो ऊंचे स्तरों पर निवेशक मुनाफा वसूली कर सकते हैं और वहां बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।

डे ने यह भी कहा कि गिरावट की स्थिति में निफ्टी 23,000 या 22,800 के स्तर तक आ सकता है। वहीं अगर बाजार ऊपर जाता है, तो 23,400 का स्तर फिलहाल एक मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

24,500 के ऊपर टिके तो आ सकती है रिकवरी

SAMCO Securities के धूपेश धामेजा के मुताबिक निफ्टी 24,300 के डिमांड जोन से पहले ही उछाल दिखा चुका है और अब 25,080 के आसपास के तुरंत रेजिस्टेंस की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पूरे चार्ट स्ट्रक्चर को देखें तो अगर इंडेक्स 24,500 के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है, तो 25,080 से 25,320 के जोन तक पुलबैक देखने को मिल सकता है। लेकिन अगर यह स्तर टूट जाता है, तो बाजार में फिर से दबाव बन सकता है और निफ्टी दोबारा 24,300 के स्तर की ओर फिसल सकता है।

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