Published on 27/03/2026 05:56 PM
Nifty Prediction: शेयर बाजार में जारी गिरावट का दौर फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है। शुक्रवार 27 मार्च को एक बार फिर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए। मार्केट एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि निफ्टी-50 इंडेक्स आने वाले हफ्ते में 22,000 के स्तर तक फिसल सकता है। पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल के दाम में उछाल, रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर बनाए रखा है।
लगातार पांचवें हफ्ते नुकसान में शेयर बाजार
शुक्रवार 27 मार्च को बीएसई सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25% गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 486.85 अंक यानी 2.09% टूटकर 22,819.60 के स्तर पर आ गया। इंट्राडे के दौरान सेंसेक्स 1,739 अंकों तक गिर गया, जो बाजार में बिकवाली के दबाव को साफ दिखाता है।
यह लगातार पांचवां हफ्ता रहा जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुआ। करीब 8 महीनों में यह सबसे लंबा गिरावट का सिलसिला है। इस पूरे सप्ताह में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लगभग 1.3% तक टूटे।
फरवरी से अब तक 9.5% गिर चुका बाजार
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से तनाव बढ़ा है। तब से अब तक शेयर बाजार में करीब 9.5% की गिरावट आ चुकी है। इस दौरान कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता बढ़ी है।
अहम सपोर्ट लेवल पर खड़ा निफ्टी
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी इस समय अपने अहम सपोर्ट लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा है। अगर ये स्तर टूटते हैं तो इसमें और गिरावट आ सकती है। रिलायंस ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च), अजीत मिश्रा ने बताया कि निफ्टी का तत्काल सपोर्ट 22,500 के आसपास है। यदि यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है, तो इंडेक्स 22,000 के स्तर तक गिर सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 23,000 तत्काल रेजिस्टेंस है और 23,500 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा।
तकनीकी संकेत दे रहे कमजोरी का इशारा
चॉइस ब्रोकिंग के एनालिस्ट्स के मुताबिक, निफ्टी ने एक बड़ा बेयरिश कैंडल बनाया है जिसमें लोअर हाई और लोअर लो दिख रहा है। यह संकेत देता है कि हालिया रिकवरी के बाद गिरावट का ट्रेंड फिर से शुरू हो चुका है। एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले हफ्तों में निफ्टी 22,450 से 23,850 के दायरे में उतार-चढ़ाव कर सकता है। अगर 22,471 का पिछला लो टूटता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है और इंडेक्स 22,100 या 21,800 तक भी जा सकता है।
वहीं HDFC सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का कहना है कि हालिया पुलबैक के बाद बाजार का ट्रेंड फिर से कमजोर हो गया है। उनका मानना है कि अगले हफ्ते में निफ्टी 22,450 या उससे नीचे तक जा सकता है। पोजिशनल सपोर्ट 22,000 पर है, जबकि 23,200 के आसपास रेजिस्टेंस देखने को मिलेगा।
गिरावट के पीछे ये बड़े कारण
शेयर बाजार पर दबाव के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा फैक्टर अमेरिका-ईरान संघर्ष है, जिसने ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देश पर दबाव बढ़ता है।
रुपया भी लगातार कमजोर हो रहा है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है। इसके अलावा, FIIs लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार में लिक्विडिटी का दबाव बना हुआ है।
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