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Nifty-Sensex की चाल सपाट, ऑटो और रियल्टी शेयरों ने बनाया दबाव, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Published on 25/09/2025 10:52 AM

Stock market : गुरुवार, 25 सितंबर को दलाल स्ट्रीट पर कारोबार की शुरुआत फिर से सुस्ती के साथ हुई। कमजोर ग्लोवल संकेतों और बढ़ते जियो पोलिटिकल तनावों के कारण इक्विटी बेंचमार्क निफ्टी 50 और सेंसेक्स ने आज के कारोबार सत्र की शुरुआत धीमी गति से की। फिलहाल, सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में कंसोलिडेशन का मूड नजर आ रहा है निफ्टी 25050 के करीब फ्लैट कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में हल्की बढ़त है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप में अच्छी रिकवरी आई है।

आज सुबह 10:20 बजे के आसपस सेंसेक्स 86.00 अंक या 0.11 प्रतिशत बढ़कर 81,801.63 पर और निफ्टी 32.60 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 25,089.50 पर कारोबार कर रहा था। लगभग 1749 शेयरों में तेजी, 1120 शेयरों में गिरावट और 159 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

सेक्टोरल इंडेक्सों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। फार्मा और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टरों में लगभग 0.3 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि ऑटो और रियल्टी शेयरों में बिकवाली हो रही है। छोटे-मझोले शेयरों की बात करें तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 बेंचमार्क सेंसेक्स-निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 0.50 फीसदी तक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

तत्काल ट्रिगर के अभाव में बाजार धीरे-धीरे नीचे की ओर जा रहा है। ऑटो शेयरों में उपभोग स्तर में बढ़त की उम्मीद में तेजी आई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि इस पूरे साल बाजार के लिए सबसे बड़ी बाधा विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा हो रही लगातार बिकवाली रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा कि भारत में लागू किए जा रहे सुधारों और ब्याज दरों में कटौती से आर्थिक विकास और कॉर्पोरेट आय में तेज़ी आने की संभावना है। इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों का भारतीय बाज़ार में वापस आना चाहिए। लेकिन हमें नहीं पता कि ऐसा कब होगा। निवेशकों के लिए अच्छी क्वालिटी वाले शेयरों में निवेश करने का यह सही समय है।

इन अहम स्तरों पर रहे नजर

निफ्टी का ब्रॉडर अपट्रेंड ठहराव की स्थिति में चला गया है। इसके चलते यह लगातार चार सत्रों में निचले स्तर पर बंद हुआ है और डेली चार्ट पर लोअर हाई पैटर्न दिखाई दे रहा है।

सैमको सिक्योरिटीज के धुपेश धमेजा का कहना है कि तेजी के रुझान को बनाए रखने के लिए 25,000 का स्तर अब एक अहम सपोर्ट है। कॉल राइटर जहां एट-द-मनी स्ट्राइक पर आक्रामक हो गए हैं, वहीं पुट राइटर अपनी जगह छोड़ रहे हैं और निचले स्तरों की ओर रुख कर रहे हैं। यह बाजार में कंसोलीडेशन के मूड का संकेत है।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक इंडेक्स 25,150-25,200 के रेजिस्टेंस जोन से नीचे बना रहेगा,तब तक मंदड़ियों के सक्रिय बने रहने की उम्मीद है। 25,000 से नीचे की गिरावट 24,860 की ओर गिरावट का रास्ता खोल सकती है,जिससे निकट भविष्य में मंदी का रुख बना रहेगा।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी लगातार बिकवाली के दबाव का सामना कर रहा है और अपने हर सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रहा है। अभी इसके लिए 25,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर काफी अहम है। इससे नीचे की गिरावट इंडेक्स को 24,950-24,850 की ओर नीचे खींच सकती है। वहीं, 25,000 से ऊपर टिके रहने पर निफ्टी की 25,150-25,250 की ओर वापसी हो सकती है।

 

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