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NSE के आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर्स की 'ब्यूटी परेड' जानिए क्या है यह पूरा मामला

Published on 10/07/2025 02:09 PM

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर्स की ब्यूटी परेड शुरू हुई हो गई है। आपको यह पढ़कर थोड़ा अटपटा लगेगा। लेकिन, यह सच है। दरअसल, किसी बड़े आईपीओ से पहले मर्चेंट बैंकर्स उस कंपनी को लुभाने की कोशिश शुरू कर देते हैं। उनकी कोशिश आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकर बनने में होती है। इसे इनवेस्टमेंट की दुनिया में ब्यूटी परेड कहा जाता है। एनएसई को जैसे ही सेबी से आईपीओ के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' मिल जाएगा, आईपीओ की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कई बातें बताई। एक व्यक्ति ने कहा, "ब्यूटी परेड की आंतरिक तैयारियां शुरू हो गई हैं।" दरअसल, आईपीओ से पहले मर्चेंट बैंकर्स कंपनी को अपना प्रजेंटेशन पेश करते हैं। इसमें कंपनी की संभावित वैल्यूएशंस, कंपनी के बारे में मुख्य बातें और इश्यू से जुड़ी उन बातों का जिक्र होता है, जिसे मर्चेंट बैंकर इनवेस्टर्स को बताने वाली होती हैं।

एक दूसरे सूत्र ने कहा, "कई बड़े मर्चेंट बैंकर्स जो आम तौर पर छोटे आईपीओ में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं, वे बड़े आईपीओ से पहले कंपनियों का चक्कर लगाना शुरू कर देते हैं। इस बार कई बड़े मर्चेंट बैंकर्स एनएसई का चक्कर लगा रहे है।" एनएसई के इश्यू में मर्चेंट बैंकर्स की दिलचस्पी की वजह का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। एनएसई इंडिया का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इस आईपीओ का इनवेस्टर्स को लंबे समय से इंतजार रहा है। यह आईपीओ इंडियन कैपिटल मार्केट्स के लिए एक बड़ा इवेंट होगा।

कई बड़े मर्चेंट बैंकर्स या उनकी सब्सिडियरीज एनएसई से बतौर मेंबर ब्रोकर्स जुड़ी रही हैं। ये एक्सचेंज के लिए बिजनेस लाती हैं। इसलिए इन्हें एनएसई अपने पब्लिक इश्यू में मौका दे सकता है। एक दूसरे व्यक्ति ने कहा कि एनएसई के आईपीओ के साथ हर कोई जुड़ना चाहता है। इस बारे में एनएसई ने मनीकंट्रोल की तरफ से भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया। इश्यू के औपचारिक ऐलान से पहले एनएसई के इस बारे में कुछ बताने की कम ही उम्मीद है।

NSE ने 20 जून को सेबी के पास एक सेटलमेंट अप्लिकेशन फाइल किया था। इस पर काम चल रहा है। सेबी की इनटर्नल कमेटी पहले अप्लिकेशन की जांच कर रही है। उसके बाद इसे सेटलमेंट के लिए हाई-पावर्ड एडवायजरी कमेटी में पेश किया जाएगा। सेबी ने को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों के सेटलमेटं के लिए सेबी को करीब 1,400 करोड़ रुपये का सेटलमेंट अमाउंट ऑफर किया है। को-लोकेशन मामला आईपीओ के रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा रहा है।Tags: #share marketsFirst Published: Jul 10, 2025 2:09 PMहिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।