Published on 12/03/2026 12:53 PM
ONGC Share Price: घरेलू स्टॉक मार्केट में बिकवाली के दबाव के बीच ओएनजीसी के शेयर भी आज टूट गए। हालांकि मैक्वेरी का इस पर पॉजिटिव रुझान बना हुआ है। हालांकि खास बात ये है कि मैक्वेरी का कहना है कि कच्चे तेल में उछाल की बजाय अब आने वाले समय में प्रोडक्शन में तेजी इसके रेटिंग के लिए काफी अहम होगी। फिलहाल इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो अभी बीएसई पर यह 0.50% की गिरावट के साथ ₹269.40 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.87% टूटकर ₹268.40 तक आ गया था।
आगे की बात करें तो मैक्वेरी ने ओएनजीसी को ₹300 के टारगेट प्राइस के साथ आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म ने इसके टारगेट प्राइस में 3% की कटौती की है लेकिन करीब 6% यील्ड साथ आकर्षक डिविडेंड आउटलुक को देखते हुए रेटिंग को बरकरार रखा है। ओवरऑल बात करें तो इसे कवर करने वाले 31 एनालिस्ट्स में से 19 ने इसे खरीदारी की रेटिंग दी है तो 6 ने होल्ड और 6 ने सेल रेटिंग दी है।
ONGC की किस कारण फिर से हो सकती है रेटिंग?
कच्चे तेल की कीमतों में नियर टर्म की उठा-पटक से ओएनजीसी को सपोर्ट मिला है लेकिन मैक्वेरी के मुताबिक इसकी फिर से रेटिंग के लिए प्रोडक्शन की लगातार ग्रोथ काफी अहम रहेगी। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक पिछला साल 2025 ओएनजीसी के लिए काफी अहम रहा, जब प्रोडक्शन की शुरुआती गिरावट काफी हद तक रुक गई। मैक्वेरी का मानना है कि इस साल के आखिरी तक प्रोडक्शन में अहम उछाल दिख सकती है। इस महीने की शुरुआत में जेपीमॉर्गन चेज ने कहा था कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच की लड़ाई जल्द ही समाप्त होती है तो नियर टर्म में इस उठा-पटक का फायदा मीडियम टर्म के निवेशक उठा सकते हैं और ओएनजीसी से मुनाफा निकालकर तेल बेचने वाली कंपनियों के शेयरों की सस्ते में खरीदारी कर सकते हैं।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
ओएनजीसी के शेयरों ने मार्केट की उठा-पटक के बीच निवेशकों के पोर्टफोलियो की चमक अच्छी-खासी बढ़ाई। पिछले साल 7 अप्रैल 2025 को बीएसई पर यह ₹205.00 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 11 ही महीने में यह 43% चढ़कर इस महीने की शुरुआत में 2 मार्च 2026 को ₹293.15 के लेवल पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से इसमें प्रमोटर्स की 58.89% हिस्सेदारी है। वहीं पब्लिक शेयरहोल्डिंग में बात करें तो इसमें 38 म्यूचुअल फंड्स की 8.28% और 34 बीमा कंपनियों की 11.06% और विदेशी निवेशकों की 7.42% होल्डिंग है। एलआईसी की इसमें 10.17% हिस्सेदारी है। वहीं खुदरा निवेशकों की बात करें तो ₹2 लाख तक के निवेश वाले 27,87,992 निवेशकों की इसमें 3.06% होल्डिंग है।
Titan के शेयरों की फीकी पड़ी चमक, इन 5 वजहों से UBS ने बताया खरीदारी का मौका
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।