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PhonePe ने टाला IPO, भू-राजनीतिक तनाव और मार्केट में गिरावट की वजह से लिया फैसला

Published on 16/03/2026 02:13 PM

UPI पेमेंट्स ऐप PhonePe ने आईपीओ लाने की योजना को फिलहाल के लिए टाल दिया है। फिनटेक कंपनी ने 16 मार्च को कहा कि उसने यह फैसला मौजूदा भू राजनीतिक तनाव और बाजार में उतार चढ़ाव की वजह से लिया है।

PhonePe के CEO और फाउंडर समीर निगम ने एक बयान में कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि प्रभावित इलाकों में जल्द शांति बहाल होगी। हम भारत में पब्लिक लिस्टिंग के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं।'

वॉलमार्ट के निवेश वाली इस कंपनी का कहना है कि जब ग्लोबल कैपिटल मार्केट्स में कुछ स्थिरता आएगी, तब वह लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी।

युद्ध से बाजार में बढ़ी अनिश्चितता

सूत्रों के मुताबिक अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने वैश्विक बाजारों को अस्थिर कर दिया है। करीब 1.3 बिलियन डॉलर के IPO के लिए मौजूदा बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी नहीं मिल पा रही थी।

इस IPO के जरिए कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 15 बिलियन डॉलर आंकी जा रही थी। ऐसे माहौल में इतने बड़े इश्यू के लिए निवेशकों से पर्याप्त पूंजी जुटाना मुश्किल माना जा रहा था।

SEBI से मिल चुकी थी मंजूरी

बेंगलुरु स्थित इस फिनटेक कंपनी को अपने IPO के लिए बाजार नियामक SEBI से 20 जनवरी को मंजूरी मिल चुकी थी। कंपनी बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थिरता लौटने के बाद लिस्टिंग प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ा सकती है।

12,000 करोड़ रुपये जुटाने की थी योजना

रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑफर के जरिए कंपनी की वैल्यूएशन करीब 15 बिलियन डॉलर तय हो सकती थी। PhonePe इस IPO के जरिए लगभग 12,000 करोड़ रुपये (करीब 1.35 बिलियन डॉलर) जुटाने की योजना बना रही थी। यह पूरा इश्यू OFS यानी ऑफर फॉर सेल के जरिए लाया जाना था।

न्यू इकोनॉमी का दूसरा सबसे बड़ा IPO?

अगर PhonePe की लिस्टिंग होती, तो बेंगलुरु की यह पेमेंट्स कंपनी नई अर्थव्यवस्था के स्टार्टअप्स में दूसरी सबसे बड़ी लिस्टिंग बन सकती थी।

इससे पहले 2021 में प्रतिद्वंद्वी कंपनी Paytm का IPO आया था। नोएडा स्थित Paytm का IPO करीब 20 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर लॉन्च हुआ था। इसका साइज लगभग 18,000 करोड़ रुपये था।

UPI बाजार में मजबूत पकड़

PhonePe के पास मोबाइल पेमेंट प्लेटफॉर्म UPI में करीब 45 प्रतिशत मार्केट शेयर है। इसका सबसे नजदीकी प्रतिद्वंद्वी Google Pay है, जिसके पास लगभग 35 प्रतिशत मार्केट शेयर है।

भारत में होने वाले कुल डिजिटल पेमेंट्स में से 85 प्रतिशत से ज्यादा लेनदेन UPI प्लेटफॉर्म के जरिए होते हैं।

हर महीने 10 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन

UPI प्लेटफॉर्म की लगातार बढ़ती लोकप्रियता और नए इस्तेमाल की वजह से यह देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।

PhonePe हर महीने करीब 10 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है। इनकी कुल वैल्यू 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होती है।

पेमेंट्स के अलावा कई दूसरे बिजनेस

PhonePe सिर्फ पेमेंट्स तक सीमित नहीं है। कंपनी ने कई दूसरे क्षेत्रों में भी विस्तार किया है। इनमें share.market नाम का स्टॉक ट्रेडिंग ऐप, लेंडिंग प्लेटफॉर्म और इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने का कारोबार भी शामिल है।

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