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रॉबर्ट कियोसाकी ने दी मार्केट बबल फूटने की चेतावनी! बोले- $35000 जाएगा सोना, $200 टच करेगी चांदी

Published on 18/03/2026 06:06 PM

बेस्टसेलर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक और निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर वैश्विक बाजार को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि दुनिया के बाजार में बना 'इतिहास का सबसे बड़ा बबल' फूटने के करीब है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कमोडिटी कीमतों में तेज उतार चढाव और सेंट्रल बैंकों की नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच उनकी यह टिप्पणी सामने आई है। कियोसाकी ने कहा कि 'सबसे बड़ा बबल फूटने वाला है। सवाल यह नहीं है कि यह होगा या नहीं, बल्कि यह है कि कब होगा।'

क्रैश के बाद क्या हो सकता है

कियोसाकी लंबे समय से गोल्ड और क्रिप्टोकरेंसी जैसे एसेट्स में निवेश की सलाह देते रहे हैं। उनका मानना है कि ज्यादा पैसे छापने और कर्ज आधारित आर्थिक व्यवस्था की वजह से वैश्विक बाजार अस्थिर हो गए हैं। उन्होंने संभावित वित्तीय संकट के बाद बाजार में आने वाले बड़े बदलाव को लेकर भी अनुमान जताया है।

कियोसाकी के मुताबिक अगर बड़ा क्रैश आता है तो वैकल्पिक एसेट्स में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में गोल्ड 35,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है, सिल्वर 200 डॉलर तक जा सकता है, बिटकॉइन 7,50,000 डॉलर तक और एथेरियम करीब 95,000 डॉलर तक पहुंच सकता है।

उनका मानना है कि महंगाई, करेंसी की कमजोरी और वित्तीय जोखिम से बचाव के लिए हार्ड एसेट्स और विकेंद्रीकृत करेंसी बेहतर विकल्प बन सकते हैं।

कियोसाकी के हिसाब से कितनी बढ़त?

सिल्वर में तेजी का संकेत

इसी बीच अर्थशास्त्री और गोल्ड समर्थक पीटर शिफ ने भी कीमती धातुओं में तेजी के संकेत दिए हैं, खासकर सिल्वर को लेकर। उनका कहना है कि सिल्वर ने हाल में एक मजबूत ब्रेकआउट दिया है और इसमें अगली बड़ी तेजी कभी भी शुरू हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जो निवेशक अभी कम कीमत का इंतजार कर रहे हैं, वे इस संभावित रैली को मिस कर सकते हैं।

माइनिंग शेयरों में अवसर

पीटर शिफ के अनुसार गोल्ड और सिल्वर से जुड़े माइनिंग शेयरों में हाल के समय में गिरावट देखी गई है। GDX और GDXJ जैसे माइनिंग इंडेक्स अपने हालिया हाई से करीब 25 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं और बेयर मार्केट के दायरे में पहुंच गए हैं। हालांकि इसके बावजूद साल की शुरुआत से अब तक इनमें बढ़त बनी हुई है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इनमें अवसर बन सकता है।

बाजार की नजर सेंट्रल बैंकों पर

होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते तनाव की वजह से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। हालांकि ईरान ने संकेत दिया है कि यह समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर है। बाजार को उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा इस हफ्ते ब्रिटेन, यूरो जोन और जापान के सेंट्रल बैंक भी अपनी नीतिगत घोषणाएं करने वाले हैं। ईरान संघर्ष बढ़ने के बाद यह उनकी पहली महत्वपूर्ण बैठक होगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।