News Image
Money Control

रामदेव अग्रवाल ने कहा- और 10% गिरने पर मार्केट अगले 5 सालों में शानदार रिटर्न दे सकता है

Published on 14/03/2026 06:05 PM

भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट से वास्तव में लंबी अवधि में स्ट्रॉन्ग रिटर्न की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन एवं को-फाउंडर रामदेव अग्रवाल ने यह कहा है। मनीकंट्रोल ग्लोबल वेल्थ समिट में उन्होंने स्टॉक मार्केट्स को लेकर कई बातें बताईं।

तेज गिरावट के बाद कंपाउंडिंग साइकिल का मौका बनता है

अग्रवाल ने कहा कि अगर मार्केट मौजूदा लेवल से और 10 फीसदी गिर जाता है तो लॉन्ग टर्म में स्ट्रॉन्ग रिटर्न की संभावना और बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा, "मार्केट के और 10 फीसदी गिरने पर अगले पांच सालों में रिटर्न की संभावना बढ़कर सालाना करीब 17-18 फीसदी हो जाएगी।" उन्होंने कहा कि इतिहास को देखने से पता चलता है कि बाजार में तेज गिरावट के बाद लंबी अवधि में कंपाउंडिग साइकिल का मौका बना है।

कोविड में क्रैश करने के बाद धैर्य रखने वाले निवेशकों को फायदा

उन्होंने पिछले मार्केट साइकिल का उदाहरण देते हुए कहा कि कोविड के समय मार्केट क्रैश करने के बाद धैर्य रखने वाले निवेशकों के लिए कमाई का बड़ा मौका बना। उन्होंने कहा, "एतिहासिक रूप से देखने पर पता चलता है कि तेज गिरावट के बाद अक्सर लॉन्ग टर्म में स्ट्रॉन्ग कंपाउंडिंग देखने को मिली है। कोविड में क्रैश के बाद मार्केट ने बाद के सालों में करीब 21-22 फीसदी का कंपाउंडिंग रिटर्न दिया।"

यह समय सावधानी से चुने गए शेयरों का पोर्टफोलियो बनाने का

अग्रवाल ने कहा कि इनवेस्टर्स जो ऐसे फेज में अच्छी तरह से चुने गए शेयरों का पोर्टफोलियो बनाते हैं वे शानदार रिटर्न कमाते हैं। यह रिटर्न 30-35 फीसदी तक हो सकता है। उन्होंने कहा कि लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट का मतलब यह नहीं है कि बिजनेस फंडामेंटल्स का आंकलन किए बगैर हम शेयरों को अपने पास बनाए रखें। उनका मानना है कि इनसान की तरह कंपनियां भी ग्रोथ, मैच्योरिटी और आखिर में गिरावट की साइकिल से गुजरती हैं।

यह भी पढ़ें: दिग्गज इनवेस्टर शंकर शर्मा ने किया सावधान, कहा-क्रूड में सोने जैसी तेजी दिख सकती है

लंबी अवधि की ग्रोथ के फेज में निवेश बनाए रखने की सलाह

उन्होंने कहा कि इनवेस्टर्स को कंपनियों की हाई ग्रोथ फेजेज में अपना निवेश बनाए रखना चाहिए। लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए पहले स्टॉक की पहचान करना उसके बाद ग्रोथ पीरियड में निवेश बनाए रखना जरूरी है। अगर आप बहुत जल्द अपना निवेश निकाल लेते हैं तो आप कंपाउंडिंग का मौका चूक जाते हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को बॉटम यानी मार्केट के निचले स्तर के पीछे भी नहीं भागना चाहिए। यह बहुत मुश्किल है।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।