Published on 12/09/2025 07:07 PM
सेबी ने 12 सितंबर को बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला लिया है। अब आईपीओ पेश करने वाली बड़ी कंपनियों को मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (एमपीएस) के पालन के लिए 10 साल का समय मिलेगा। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने मीडिया को यह जानकारी दी। अगर 50,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनी आईपीओ पेश करती है तो उसे 25 फीसदी मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियम का पालन 5 साल में करना होगा। अभी ऐसी कंपनियों को इसके लिए सिर्फ 3 साल का समय मिलता है।
ऐसी कंपनी जिसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन इश्यू के बाद 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगी, उसकी मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15 फीसदी कम होने पर उसे एमपीएस के इस लेवल को 5 साल में हासिल करना होगा। 25 फीसदी मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियम का पालन करने के लिए उसे 10 साल का समय मिलेगा। सेबी ने यह जानकारी दी। बताया जाता है कि नए नियम से कंपनी को काफी राहत मिलेगी। सेबी के बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया।
12 सितंबर को सेबी के नए चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय की अध्यक्षता में बोर्ड की तीसरी बैठक हुई। चेयरमैन ने बैठक के बाद आज हुए अहम फैसलों के बारे में बताया। मार्केट को इस बैठक का काफी इंतजार था। बड़ी कंपनियों को आईपीओ के नियमों में राहत मिलने की उम्मीद पहले से जताई जा रही थी।Tags: #share marketsFirst Published: Sep 12, 2025 6:59 PMहिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।