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स्ट्रीट ऑफ होर्मुज 3-4 हफ्तों में नहीं खुला तो मार्केट में आएगी इससे बड़ी क्राइसिस

Published on 14/03/2026 04:09 PM

अगले तीन से चार हफ्तों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का फिर से खुलना जरूरी है। तभी हम ग्लोबल ऑयल मार्केट्स और इकोनॉमी को बड़े झटकों से बचा पाएंगे। एलेथिया कैपिटल के ग्लोबल स्ट्रेटेजिस्ट जोनाथन विलमोट ने 14 मार्च को यह कहा। मनीकंट्रोल के एक प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि सबको अगले तीन से चार हफ्ते में इस रास्ते को फिर से खोलने के लिए कोशिश करनी चाहिए।

फिलहाल मार्केट में कमजोरी बनी रह सकती है

उन्होंने कहा कि अभी स्थिति अनिश्चित है, लेकिन हालात कभी भी बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अगले कुछ दिनों के अंदर अमेरिका की जीत हो भी जाती है तो भी मार्केट में काफी कमजोरी बनी रहेगी। जहां तक ऑयल मार्केट्स का सवाल है तो जब तक होर्मुज का रास्ता दोबारा खोलने का ठोस प्लान नहीं आ जाता, ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।

जहाज नहीं कर रहे होर्मुज के रास्ते का इस्तेमाल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते दुनिया में करीब 20 फीसदी ऑयल और गैस की सप्लाई होती है। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई की वजह से यह रास्ता करीब बंद हो गया है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में कई खाड़ी देशों के टैंकर्स और ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। इससे समुद्री जहाज इस रास्ते का इस्तेमाल करने से डर रहे हैं। इसका सीधा असर क्रूड और गैस की सप्लाई पर पड़ा है।

क्रूड ऑयल 150 डॉलर तक जा सकता है

एनालिस्ट्स का कहना कि होर्मुज का रास्ता बंद होने से ऑयल की कीमतें चढ़ रही हैं। अभी ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल चल रहा है। लेकिन, इसके 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है। यह भारत सहित दुनिया के कई देशों के लिए बड़े खतरे की घंटी है, क्योंकि भारत 80 फीसदी से ज्यादा क्रूड की जरूरत इंपोर्ट से पूरा करता है। क्रूड महंगा होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा।

2008 में क्रूड का भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था

विलमोट ने कहा, "अगर होर्मुज का रास्ता नहीं खुलता है और क्रूड 150 डॉलर पहुंच जाता है तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। हालांकि, अब भी क्रूड की कीमत 2008 के रिकॉर्ड हाई से नीचे है। तब महंगे क्रूड की वजह से मंदी का खतरा मंडराने लगा था।" उन्होंने कहा कि इस रास्ते के बंद रहने पर कई इकोनॉमीज के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस रास्ते का दोबारा खुलना सभी पक्षों की प्राथमिकता है। अगर तीन-चार हफ्तों में नहीं खुलता है तो इसे ओपन कराने की कोशिशें जारी रहेंगी। फिर यह 5-6 हफ्तों में खुल सकता है। इसके खुलने पर ऑयल की कीमतें फिर से नीचे आएंगी।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।