News Image
Money Control

Share Market Crash: शेयर बाजार में इन 6 कारणों से हाहाकार जारी; सेंसेक्स 950 अंक टूटा, निफ्टी 23600 के नीचे

Published on 12/03/2026 11:00 AM

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में 12 मार्च को लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 950 अंकों से भी अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी करीब 300 अंकों का गोता लगाकर 24,600 के भी नीचे चला गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से बाजार दबाव में बना हुआ है। सबसे अधिक गिरावट बैकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी के 16 में से 14 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

सुबह 9:17 बजे के करीब, सेंसेक्स 946 अंक या 1.2 प्रतिशत गिरकर 75,918 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 296 अंक या 1.2 प्रतिशत टूटकर 23,571 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 1.5 प्रतिशत तक टूट गए थे।

शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 6 बड़े कारण रहे-

1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

शेयर मार्केट में गिरावट का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 9 प्रतिशत उछलकर फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का भाव भी लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ गयाहै। होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे ऑयल टैंकरों पर ईरान के हमले ने क्रूड की सप्लाई को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी है।

इस बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने इतिहास में पहली बार आपातकालीन तेल भंडार को बड़े स्तर पर जारी करने का ऐलान किया है। हालांकि इसके बावजूद तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली।

एनालिस्ट्स का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने शेयर बाजार को कमजोर स्थिति में पहुंचा दिया है। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट् स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार के अनुसार बाहरी दबावों के कारण बाजार कमजोर हो गया है। उनका कहना है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा और ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 100 डॉलर के स्तर पर बना रहेगा, तब तक बाजार में कमजोरी बनी रह सकती है।

2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

मार्केट में गिरावट का एक और कारण विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को लगातार नौवें दिन भी भारतीय शेयर बाजार में अपने शेयर बेचे और करीब 6,267 करोड़ रुपये की बिकवाली की। विदेशी निवेशक मार्च महीने में अब तक भारतीय बाजार से करीब 39,100 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं।

हालांकि दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार को कुछ सहारा दे रहे हैं। उन्होंने पिछले सत्र में करीब 4,965 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। फिर भी विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली की वजह से बाजार पर दबाव बना हुआ है।

3. कमजोर ग्लोबल संकेत

ग्लोबल बाजारों से भी आज कमजोर संकेत मिले। गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट और इराकी समुद्री क्षेत्र में कुछ जहाजों पर हमले की खबरें सामने आईं, जिससे तेल सप्लाई में रुकावट की आशंका बढ़ गई। इससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की चिंता भी तेज हो गई है।

अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछली रात गिरावट के साथ बंद हुए। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 0.61 प्रतिशत गिर गया, जबकि S&P 500 में हल्की गिरावट दर्ज हुई। वहीं नैस्डैक में बहुत मामूली बढ़त देखने को मिली।

4. ग्लोबल ट्रेड से जुड़ी चिंताएं

शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर ग्लोबल ट्रेड को लेकर बढ़ती चिंताओं का भी असर दिखा। अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों के खिलाफ नई “अनफेयर ट्रेड” जांच शुरू की है। माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को फिर से सख्ती से लागू करने के लिए उठाया गया है। इससे ग्लोबल व्यापार को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।

5. रुपये में कमजोरी

भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 30 पैसे की गिरावट के साथ खुला और 92.34 प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गया। यह रुपये के ऑलटाइम लो स्तर के करीब है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय करेंसी पर पड़ रहा है। इससे पहले पिछले सत्र में रुपया 92.04 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे चालू खाते का घाटा और महंगाई दोनों बढ़ सकते हैं।

6. इंडिया VIX में उछाल

इंडिया VIX को बाजार का 'डर का इंडेक्स' भी कहा जाता है। यह बताता है कि आने वाले समय में बाजार में कितनी अस्थिरता हो सकती है। गुरुवार के कारोबार के दौरान India VIX करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 22.32 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों के बीच चिंता और अनिश्चितता बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें- Stocks To Buy: 26% तक उछल सकते हैं ये 3 NBFC शेयर, नोमुरा ने इस कारण जताया भरोसा

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।