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Share Market Crash: शेयर बाजार में इन 7 कारणों से हाहाकार; सेंसेक्स 1700 अंक टूटा, निफ्टी 22,800 पर आया

Published on 27/03/2026 03:42 PM

Share Market Crash: लगातार दो दिन की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजारों में आज 27 मार्च को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,700 अंकों तक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 23,800 के पास आ गया। क्रूड ऑयल के दाम में उछाल और ईरान वार के जल्द खत्म होने की कमजोर पड़ती उम्मीदों के चलते बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। इसके अलावा रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसलने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर बनाए रखा।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1690.23 अंक या 2.25 फीसदी गिरकर 73,583.22 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 486.85 अंक या 2.09 फीसदी टूटकर 22,819.60 के स्तर पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 7 बड़े कारण रहे-

1. प्रॉफिट बुकिंग: 24 मार्च और 25 मार्च को बाजार में शानदार रिकवरी आई थी। इससे सूचकांक 3.5 प्रतिशत तक चढ़ गए थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 27 मार्च को निवेशक प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं। खासकर वे निवेशक बिकवाली कर रहे हैं, जो हाई लेवल पर निवेश करने के बाद फंस गए थे।

2. भू-राजनीतिक चिंताएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों पर लगी रोक को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। लेकिन, ईरान की तरफ से नरमी नहीं दिखी है। ईरान अब भी झुकने को तैयार नहीं है। इससे शेयर बाजार के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है।

3. वैश्विक इक्विटी बाजारों में बिकवाली: 26 मार्च को अमेरिकी बाजार लगभग 2% गिर गए। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.4% के पार पहुंच गई। गुरुवार को वॉल स्ट्रीट के सूचकांक सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। इसका भी असर 27 मार्च को भारत सहित एशियाई बाजारों पर दिखा।

4. कच्चा तेल: शुक्रवार को कच्चे तेल के भाव में कुछ गिरावट है लेकिन यह अभी भी 100 डॉलर से ज्यादा पर है। रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रेंट फ्यूचर्स 0.8% गिरकर 107.11 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 0.88% की गिरावट के साथ 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक दिन पहले ब्रेंट फ्यूचर्स 5.7% और ​U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 4.6% बढ़ा था।

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5. कमजोर रुपया: शुक्रवार को भारतीय रुपया, डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर से नीचे गिरकर अब तक के रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह यह चिंता है कि मध्य-पूर्व युद्ध के कारण पैदा हुआ ऊर्जा आपूर्ति संकट लंबा खिंच सकता है, जिससे ऊर्जा आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव और बढ़ जाएगा। रुपया गिरकर 94.56 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

6, विदेशी निवेशकों की बिकवाली: पिछले दो सत्रों में इक्विटी बाजार में 3.5% की तेजी के बावजूद, विदेशी निवेशक दोनों ही दिन शुद्ध विक्रेता बने रहे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से बाजार पर दबाव कम नहीं हो रहा है।

7. VIX में 7.5% की तेजी: बाजार की अस्थिरता दर्शाने वाला India VIX, 7.5% की तेजी के साथ 26.53 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह इस बात का संकेत है कि बाजार में निकट भविष्य में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।