Published on 26/02/2026 01:27 PM
Share Market Down: भारतीय शेयर बाजारों में आज 26 फरवरी को तेज उठापटक देखने को मिल रही है। बाजार में शुरुआती तेजी के बाद दोपहर तक मुनाफावसूली हावी हो गई। सेंसेक्स दिन के हाई से 500 अंकों तक तक गिर गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,400 के पास आ गया। हालांकि इससे शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 303 अंकों की बढ़त के साथ 82,579.16 तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 90 अंकों की तेजी के साथ 25,572.95 पर पहुंच गया था। लेकिन कुछ ही घंटों में बाजार ने रुख बदल लिया।
दोपहर 12:20 बजे के करीब, सेंसेक्स 204 अंक गिरकर 82,071.42 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी 47 अंक फिसलकर 25,434.80 के आसपास कारोबार करता दिखा। बैंक निफ्टी में भी तेज दबाव दिखा। यह करीब 400 अंक टूटकर 60,861.90 के स्तर पर पहुंच गया।
शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण रहे-
1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
कच्चे तेल की कीमतें सात महीने के उच्च स्तर के करीब बनी हुई हैं। इसकी बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता को लेकर अनिश्चितता और सप्लाई में संभावित रुकावट की चिंता है। भारत के लिए ऊंची कच्चे तेल की कीमतें नेगेटिव मानी जाती हैं, क्योंकि देश अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल विदेशों से आयात करता है। तेल महंगा होने से व्यापार घाटा बढ़ सकता है और महंगाई पर भी दबाव आ सकता है, जिससे बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ता है।
2. मुनाफावसूली
शुरुआती तेजी के बाद FMCG, मेटल और रियल्टी शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वी. के. विजयकुमार ने बताया, “बाजार के मौजूदा ट्रेंड से एक बड़ी बात यह सामने आती है कि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की बड़ी खरीदारी के बावजूद बाजार जोरदार तेजी नहीं दिखा पा रहा है। कल कैश मार्केट में FII और DII की कुल मिलाकर करीब 8,100 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई थी। इसके बावजूद बाजार शुरुआती बढ़त को संभाल नहीं पाया, क्योंकि ‘रैली में बेचो’ का ट्रेंड हावी हो गया और शुरुआती तेजी खत्म हो गई।”
उन्होंने आगे कहा, “जैसे-जैसे बाजार ऊपर जाता है और वैल्यूएशन महंगे होते हैं, मंदी के खिलाड़ी (बेयर्स) मजबूत हो जाते हैं और शॉर्ट पोजिशन बढ़ती हैं, जिससे बाजार नीचे आता है। यह ट्रेंड फिलहाल जारी रह सकता है और तेजी पर दबाव बना सकता है।”
3. ग्लोबल संकेत कमजोर
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार के फ्यूचर्स भी 0.3 प्रतिशत तक कमजोर दिखे। इससे संकेत मिल रहा है कि वॉल स्ट्रीट में भी दबाव रह सकता है।
4. एक्सपायरी से बढ़ी अस्थिरता
गुरुवार को सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी भी है। एक्सपायरी के दिन आमतौर पर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। ट्रेडर्स अपनी पोजिशन काटते या रोलओवर करते हैं, जिससे अचानक तेज मूवमेंट देखने को मिलता है।
5. भू-राजनीतिक तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद बना हुआ है। इस तरह की अनिश्चितता से ग्लोबल निवेशक सतर्क हो जाते हैं। जोखिम लेने की इच्छा कम हो जाती है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
चार्ट्स से क्या मिल रहे हैं संकेत?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि हाल के दिनों में 200-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) मजबूत सपोर्ट के रूप में बना हुआ है, लेकिन उसके बाद बाजार में ज्यादा तेज रफ्तार नहीं दिखी है।
उन्होंने कहा, “आज हम 25,670 के स्तर पर नजर रखेंगे, जो कल का रिवर्सल लेवल था। अगर निफ्टी इसके ऊपर मजबूती से टिकता है, तो 25,900 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 25,530 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।”
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