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Share Market Fall: इन 5 वजहों से गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स दिन के हाई से 350 अंक टूटा, नहीं भाया RBI का फैसला?

Published on 06/08/2025 01:35 PM

Share Market Down: भारतीय शेयर बाजार बुधवार 6 अगस्त को अपनी शुरुआती बढ़त खोकर एक बार फिर से लाल निशान में आ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों और आरबीआई की ओर से रेपो रेट में बदलाव नहीं करने के फैसले ने मार्केट के सेंटीमेंट को कमजोर किया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भी बाजार पर दवाब दिखा। सेंसेक्स में दिन के ऊपरी स्तर से करीब 350 अंकों की गिरावट देखी गई। वहीं निफ्टी फिसलकर 24,800 के नीचे आ गया।

हालांकि बाजार की शुरुआत मजबूत रही थी। बीएसई सेंसेक्स ने 124.18 अंकों की तेजी के साथ 80,834.43 पर कारोबार शुरू किया। जबकि निफ्टी ने 21.85 अंकों की बढ़त के साथ 24,671.40 का स्तर छुआ। लेकिन यह शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी और दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में आ गए।

दोपहर सवा 12:15 बजे के करीब, सेंसेक्स 121.40 अंकों की गिरावट के साथ 80,588.85 पर और निफ्टी 62.20 अंकों की गिरावट के साथ 24,587.35 पर कारोबार कर रहे थे। निफ्टी पर विप्रो, इंडसइंड बैंक, डॉ रेड्डीज लैब्रोटेरजी, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और सिप्ला जैसे शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली।

शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे 7 बड़े कारण रहे-

1. RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने अपनी अगस्त बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया। रेपो रेट को 5.5% पर बरकरार रखा गया है। साथ ही नीतिगत रुख को भी 'न्यूट्रल' बनाए रखा गया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मानसून के सामान्य रहने और आगे फेस्टिव सीजन होने के चलते घरेलू मांग में सुधार की उम्मीद है। हालांकि ग्लोबल ट्रेड को लेकर अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई है।

RBI के पॉलिसी ऐलान के बाद शेयर बाजारों में दबाव देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.4% तक टूट गया, जबकि कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में 0.9% तक की गिरावट देखी गई। फाइनेंशियल शेयरों की शुरुआती तेजी भी खत्म हो गई और यह 0.3% नीचे आ गए। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन भी कमजोर रहा। निफ्टी स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्सों में क्रमशः 1.4 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

2. ट्रंप की टैरिफ धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर नाराजगी जताई और कहा कि वे जल्द ही भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को "25% से और बहुत ज्यादा" बढ़ा सकते हैं। ट्रंप ने कहा, "हम 25% पर सहमत हुए थे, लेकिन मुझे लगता है कि मैं अगले 24 घंटों में इसे काफी बढ़ा दूंगा, क्योंकि वे रूस से ऑयल खरीद रहे हैं। वे युद्ध मशीन को ईंधन दे रहे हैं।" ट्रंप की इस नई धमकी ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर पड़ा।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार ने बताया, "ट्रंप की बयानबाजी से शेयर बाजारों पर निकट भविष्य में दबाव बना रहेगा। अगर भारत दबाव में नहीं आता तो छोटी अवधि में आर्थिक झटका लग सकता है।"

3. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 0.64% चढ़कर 68.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे भारत जैसे क्रूड के बड़े खरीदार देशों के लिए महंगाई दर का खतरा बढ़ गया है। इससे ट्रांसपोर्ट, एनर्जी और ऑटो सेक्टर में दबाव आ सकता है।

4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को 22.48 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे घरेलू शेयर बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। लगातार FIIs की बिकवाली बाजार की अस्थिरता को बढ़ा रही है। अगस्त महीने में अब तक विदेशी निवेशक, भारतीय बाजार से 5,955.39 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं।

5. वोलैटिलिटी इंडेक्स में उछाल

शेयर बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स, इंडिया VIX 1.54% बढ़कर 11.89 पर पहुंच गया। यह निवेशकों की बढ़ती चिंता को दिखाता है। VIX इंडेक्स में उछाल निवेशकों के बीच बढ़ते डर और सतर्कता की भावना को दिखाते हैं।

टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?

जियोजित फाइनेंशियल के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट, आनंद जेम्स ने बताया, “24,670 का स्तर टूटने के बाद निफ्टी की चाल साइडवेज हो गई है। हालांकि अंत में कुछ बॉटम फिशिंग हुई, लेकिन वॉल्यूम और फ्यूचर्स इंडिकेटर्स अभी भी कमजोर दिख रहे हैं।” उन्होंने कहा कि निफ्टी को स्पष्ट दिशा के लिए 24,450 से 24,850 के दायरे से बाहर निकलना होगा। फिलहाल, 24,540 से 24,727 के बीच साइडवेज मूवमेंट बना रह सकता है।

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