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Share Market Falls: इन 5 कारणों से गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 500 अंक टूटा, निफ्टी 25,600 पर आया

Published on 04/11/2025 04:08 PM

Share Market Falls: भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार 4 अक्टूबर को गिरावट देखने को मिली। कमजोर ग्लोबल संकेतों और विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार जारी बिकवाली ने बाजार के मनोबल को कमजोर बनाए रखा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 519.34 अंक या 0.62% की गिरावट के साथ 83,459.15 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी इंडेक्स 165.70 अंक या 0.64% की गिरावट के साथ 25,597.65 पर बंद हुआ। सबसे अधिक गिरावट आईटी, यूटिलिटी और मेटल कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 1% तक फिसल गए।

शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण रहे-

1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार चार दिनों से भारतीय शेयर मार्केट में बिकवाल बने हुए हैं। सोमवार 3 नवंबर को उन्होंने 1,883.78 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। 29 अक्टूबर से अब तक विदेशी निवेशक कुल ₹14,269 करोड़ की बिकवाली कर चुके हैं।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार ने बताया, “विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली शेयर मार्केट की तेजी को रोक रही है। ऊंचे वैल्यूएशन और सीमित अर्निंग ग्रोथ के चलते वे फिलहाल सस्ते और अधिक ग्रोथ वाले बाजारों में पैसा लगा रहे हैं।”

2. कमजोर ग्लोबल संकेत

एशियाई बाजारों में भी मंगलवार को कमजोरी देखने को मिली। साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स सभी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। टेक कंपनियों के शेयरों में आई हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स भी मंगलवार सुबह के कारोबार में 1.1% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जिससे वॉल स्ट्रीट में कमजोर शुरुआत के संकेत मिले।

3. मिलेजुले तिमाही नतीजे

कमाई के मामले में भी, Q2 के मामूली नतीजों के बीच मार्केट का सेंटिमेंट कमजोर रहा। विजयकुमार ने कहा, "बैंकिंग सेक्टर से कमाई में बढ़ोतरी स्थिर रही है, जबकि IT सेक्टर ने कमजोर नंबर बताए हैं। इससे FY26 में कुल कमाई में बढ़ोतरी धीमी रहेगी। हालांकि, FY27 में लगभग 15 प्रतिशत का सुधार होने की संभावना है, जिसे मार्केट जल्द ही प्राइस में शामिल करना शुरू कर सकता है।"

सितंबर तिमाही (Q2) के दौरान मामूली अर्निंग ग्रोथ ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर बनाए रखा। विजयकुमार ने कहा, "बैंकिंग सेक्टर की अर्निंग ग्रोथ स्थिर रही है, लेकिन IT सेक्टर ने कमजोर उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन किया है। इससे FY26 में टोटल अर्निंग ग्रोथ के धीमी रहने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, FY27 में लगभग 15 प्रतिशत का सुधार होने की संभावना है, जिसे मार्केट जल्द ही प्राइस में शामिल करना शुरू कर सकता है।"

4. मुनाफावसूली का दौर

निवेशकों ने मेटल, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में आई हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली करना शुरू कर दिया है। प्रभुदास लीलाधर में रिटेल एंड डिस्ट्रीब्यूशन के सीईओ संदीप रायचुरा ने बताया, "जीएसटी कटौती और बेहतर अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद से शेयर बाजार में हाल ही में तेज रैली देखने को मिली थी। ऐसी तेजी के बाद बाजार में कुछ मुनाफावसूली स्वाभाविक है। हालांकि, घरेलू इक्विटी का स्ट्रक्चर अभी भी पॉजिटिव है। शेयर बाजार को अब दिसंबर तिमाही के मजबूत नतीजों और ग्लोबल ट्रेड को लेकर स्पष्टता का इंतजार है"

5. आईटी शेयरों में कमजोरी

अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व अधिकारियों के मिले-जुले बयानों ने आईटी शेयरों को लेकर निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर किया। टीसीएस (TCS) और इंफोसिस (Infosys) जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में 1% तक की गिरावट आई।

टेक्निकल चार्ट से क्या मिल रहे हैं संकेत?

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने बताया “सोमवार की तेजी के बाद अब बाजार में आगे तेजी तभी बनेगी जब निफ्टी 25,927 के ऊपर बंद होगा। इंडेक्स के 25,815 के नीचे रहने पर बाजार साइडवेज रह सकता है। अगर निफ्टी 25,650 से नीचे फिसलता है तो फिर इसके लिए अगला सपोर्ट लेवल 25,400 पर होगा।”

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