Published on 23/10/2025 11:37 AM
Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजारों में आज 23 अक्टूबर को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों ने शेयर मार्केट में नई जान फूंक दी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक साल के नए उच्च स्तर पर पहुंच गए। सुबह 10:10 बजे के करीब, सेंसेक्स 797.51 अंक या 0.94% की बढ़त के साथ 85,223.85 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 220.30 अंक या 0.85% की छलांग लगाकर 26,088.90 पर कारोबार कर रहा था।
सबसे अधिक खरीदारी आईटी और बैंकिंग शेयरों में देखने को मिली। इंफोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा और टाटा स्टील जैसे दिग्गज शेयर कारोबार के दौरान 4% तक उछल गए।
शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 4 बड़े कारण रहे-
1. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदें
शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदें हैं। मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पक्ष व्यापार संबंधी मतभेदों को कम कर रहे हैं और एक समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं जिससे टैरिफ को घटाकर 15-16 प्रतिशत किया जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन पर आश्वासन दिया है कि भारत रूसी तेल की खरीद में कमी करेगा।
भारत-अमेरिका में ट्रेड डील की उम्मीद के चलते टेक्सटाइल्स और सीफूड कंपनियों के शेयरों में खासतौर से भारी तेजी देखने को मिली।
2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार पांचवें दिन भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार बने रहे। दिवाली के मौके पर 21 अक्टूबर को हुए स्पेशल मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में विदेशी निवेशकों ने 96.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। अक्टूबर महीने में अब तक विदेशी निवेशक करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध खरीदारी कर चुके हैं। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से मार्केट का सेंटीमेंट मजबूत हुआ है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
3. आईटी शेयरों में उछाल
आईटी कंपनियों के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स कारोबार के दौरान 2.4% उछल गया। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय ग्रेजुएट्स जो पहले से अमेरिका में हैं और H-1B वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें हाल ही में लागू की गई 100,000 डॉलर की भारी भरकम फीस नहीं देनी होगी।
साथ ही, मौजूदा H-1B वीजा धारकों को भी इस फीस से राहत दी गई है। इससे भारतीय आईटी कंपनियों, विशेष रूप से इंफोसिस, टीसीएस और HCL टेक के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ा है।
4. रुपये की मजबूती
भारतीय रुपये में गुरुवार को मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया 13 पैसे मजबूत होकर 87.80 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। फॉरेक्स डीलरों के मुताबिक, विदेशी निवेश का आगमन और व्यापार समझौते की उम्मीदों ने रुपये को समर्थन दिया है।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, “निफ्टी की तेज रफ्तार की ऑसिलेटर्स भी पुष्टि कर रहा है, जिससे यह लगातार ऊपरी बोलिंजर बैंड के पास ट्रेड कर रहा है। पिछले दो कारोबारी सत्र में बने बेयरिश कैंडल्स को फिलहाल नजरअंदाज किया जा सकता है, जब तक कोई तेज रिवर्सल नहीं आता।”
उन्होंने कहा कि निफ्टी के लिए तत्काल टारगेट 26,186 का है, जबकि 26,800 का स्तर एक आशावादी टारगेट हो सकता है। वहीं नीचे की ओर इसे 25,780 पर सपोर्ट है, लेकिन आज के सेशन में बड़ा रिवर्सल आने की संभावना कम है।
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