Published on 27/03/2026 12:11 PM
लगातार दो दिन की तेजी के बाद शेयर बाजार में 27 मार्च को बड़ी गिरावट दिखी। सुबह सेंसेक्स लाल निशान में 74,883.79 पर खुला। निफ्टी की शुरुआत भी कमजोर रही। बाद में सेंसेक्स और निफ्टी पर बिकवाली के भारी दबाव का असर दिखा। सेंसेक्स 1200 अंकों की गिरावट के साथ करीब 74,000 पर आ गया। निफ्टी भी 361 अंक लुढ़ककर 23,000 से नीचे आ गया।
इन 7 वजहों से बाजार में आई गिरावट
प्रॉफिट बुकिंग: 24 मार्च और 25 मार्च को बाजार में शानदार रिकवरी आई थी। इससे सूचकांक 3.5 प्रतिशत तक चढ़ गए थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 27 मार्च को निवेशक प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं। खासकर वे निवेशक बिकवाली कर रहे हैं, जो हाई लेवल पर निवेश करने के बाद फंस गए थे।
भू-राजनीतिक चिंताएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों पर लगी रोक को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। लेकिन, ईरान की तरफ से नरमी नहीं दिखी है। ईरान अब भी झुकने को तैयार नहीं है। इससे शेयर बाजार के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है।
वैश्विक इक्विटी बाजारों में बिकवाली: 26 मार्च को अमेरिकी बाजार लगभग 2% गिर गए। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.4% के पार पहुंच गई। गुरुवार को वॉल स्ट्रीट के सूचकांक सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। इसका भी असर 27 मार्च को भारत सहित एशियाई बाजारों पर दिखा।
कच्चा तेल: शुक्रवार को कच्चे तेल के भाव में कुछ गिरावट है लेकिन यह अभी भी 100 डॉलर से ज्यादा पर है। रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रेंट फ्यूचर्स 0.8% गिरकर 107.11 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 0.88% की गिरावट के साथ 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक दिन पहले ब्रेंट फ्यूचर्स 5.7% और U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 4.6% बढ़ा था।
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कमजोर रुपया: शुक्रवार को भारतीय रुपया, डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर से नीचे गिरकर अब तक के रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह यह चिंता है कि मध्य-पूर्व युद्ध के कारण पैदा हुआ ऊर्जा आपूर्ति संकट लंबा खिंच सकता है, जिससे ऊर्जा आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव और बढ़ जाएगा। रुपया गिरकर 94.29 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। 28 फरवरी से इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से इसमें लगभग 4% की गिरावट आई है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: पिछले दो सत्रों में इक्विटी बाजार में 3.5% की तेजी के बावजूद, विदेशी निवेशक दोनों ही दिन शुद्ध विक्रेता बने रहे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से बाजार पर दबाव कम नहीं हो रहा है।
VIX में 7.5% की तेजी: बाजार की अस्थिरता दर्शाने वाला India VIX, 7.5% की तेजी के साथ 26.53 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह इस बात का संकेत है कि बाजार में निकट भविष्य में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
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