Published on 13/03/2026 03:06 PM
Stock Markets: अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर जिन बाजारों पर सबसे ज्यादा पड़ा है, उनमें भारत शामिल है। मार्च में भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक 10 फीसदी क्रैश कर चुके हैं। सेंसेक्स और निफ्टी एक के बाद एक अपने सपोर्ट लेवल को तोड़ते जा रहे हैं। इनवेस्टर्स खासकर रिटेल इनवेस्टर्स बेबस नजरों से मार्केट को क्रैश करते हुए देख रहे हैं।
अभी काफी सावधानी बरतने का समय
SAMCO Securities में डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा ने कहा, "निफ्टी में उसके 10-DEMA से नीचे ट्रेडिंग हो रही है। मोमेंटम इंडिकेटर्स कमजोर बने हुए हैं। RSI 40 से नीचे चला गया है। यह ओवरसोल्ड टेरिटरी में आ गया है। उधर, India VIX का 20 के ऊपर बने रहने का मतलब है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स को काफी सावधानी बरतने की जगह है।"
शॉर्ट टर्म में बाजार में बड़ी कमजोरी के संकेत
उन्होंने कहा कि आवर्ली चार्ट (hourly chart) पर निफ्टी दबाव में दिख रहा है, क्योंकि इसमें 20-EMA और 50-EMA दोनों से नीचे ट्रेडिंग हो रही है। यह बाजार में शॉर्ट टर्म में कमजोरी का संकेत है। उन्होंने कहा कि जब तक Nifty फिर से 23,800-24,000 के लेवल को हासिल नहीं कर लेता, तब तक रिकवरी को तेजी में बिकवाली (Sell-on-rise) के मौके के रूप में देखा जा सकता है।
बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या काफी ज्यादा
13 मार्च को 1:05 बजे India VIX 3 फीसदी के उछाल के साथ 22.18 के स्तर पर था। 2:30 बजे निफ्टी 433 अंक यानी 1.81 फीसदी गिरकर 23,211 पर चल रहा था। Sensex 1.66 फीसदी यानी 1270 फिसलकर 74,751 पर चल रहा था। गिरने वाले शेयरों की संख्या 3,038 थी, जबकि चढ़ने वाले शेयरों की संख्या 766 थी। 143 शेयरों में स्थिरता थी।
शेयरों के मामले में सेलेक्टिव रहने की सलाह
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, "वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और बाजार में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को अनुशासित और सेलेक्टिव रहने की जरूरत है। मार्केट में गिरावट के दौरान इनवेस्टर्स स्ट्रॉन्ग फंडामेंटल्स वाले स्टॉक्स पर फोकस कर सकते हैं। लेकिन, नई लॉन्ग पोजीशंस तभी लेना ठीक रहेगा, जब निफ्टी निर्णायक बढ़त के बाद 25,000 के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है। यह मार्केट सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट का संकेत होगा।"
मार्केट में रिकवरी आने में लग सकता है वक्त
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, "पश्चिम एशिया में लड़ाई बढ़ने का असर ग्लोबल मार्केट्स पर पड़ा है। मार्केट्स में कमजोरी दिख रही है। अमेरिकी मार्केट में गिरावट इस बात का संकेत है कि मार्केट में रिकवरी आने में थोड़ा वक्त लगेगा।
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ब्लूचिप स्टॉक्स पर भी बिकवाली का काफी दबाव
Brent के 100 डॉलर पर पहुंच जाने से बुल्स डिफेंसिव हो गए हैं। विदेशी निवेशक Share Markets में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। यहां तक कि लार्जकैप ब्लूचिप स्टॉक्स भी दबाव में हैं। इस चैलेंजिंग समय में इनवेस्टर्स के लिए ज्यादा विकल्प नहीं बचा है। उन्हें खुद को शांत रखने और SIP के जरिए निवेश जारी रखने की सलाह है।"हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।