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Suzlon Share Price: 52वीक के लो से 10% उछला सुजलॉन, क्या अब आएगी बड़ी तेजी?

Published on 25/03/2026 06:04 PM

Suzlon Share Price: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में कुछ समय से लगातार गिरावट दिख रही थी। यह स्टॉक पिछले 6 महीने में 25.44% गिरा है। इस साल यानी 2026 में भी सुजलॉन करीब 20% टूट चुका है। इसने इस दौरान अपना 38.19 रुपये का 52वीक का लो भी बना लिया। हालांकि, अब सुजलॉन में कुछ रिकवरी दिख रही है। स्टॉक अपने 52वीक के लो से 10.58% उछल चुका है।

सुजलॉन को लगातार मिल रहे ऑर्डर

सुजलॉन को सोमवार को Gas Authority of India Ltd (GAIL) से 100 मेगावाट का विंड एनर्जी प्रोजेक्ट मिला है। यह FY26 में कंपनी का चौथा PSU ऑर्डर है। इस प्रोजेक्ट से बनने वाली बिजली महाराष्ट्र के नंदुरबार में GAIL के नए पेट्रोकेमिकल प्लांट के डीकार्बोनाइजेशन में मदद करेगी।

Suzlon इस प्रोजेक्ट में 2.1 मेगावाट क्षमता वाले 47 S120 विंड टरबाइन लगाएगी। यह सप्लाई, इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग के साथ ऑपरेशन और मेंटेनेंस सेवाएं भी देगी। Suzlon के CEO अजय कपूर ने कहा कि GAIL के साथ कंपनी का 15 साल से ज्यादा पुराना रिश्ता है और यह दोनों के बीच छठा प्रोजेक्ट है।

सुजलॉन पर ब्रोकरेज की राय

घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने Suzlon Energy पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी अभी भी विंड एनर्जी कारोबार में मजबूत स्थिति में है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में जो सकारात्मक माहौल बना है, वह आने वाले वर्षों में भी जारी रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities ने Suzlon Energy का टारगेट प्राइस 65 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज ने कंपनी का वैल्यूएशन FY28E EPS के 32 गुना पर किया है। 65 रुपये का यह टारगेट मंगलवार के बंद भाव से लगभग 53.92% की संभावित तेजी दिखाता है।

विंड एनर्जी सेक्टर में बढ़ रही मांग

ICICI Securities के मुताबिक, देश में हाइब्रिड और FDRE यानी Firm and Dispatchable Renewable Energy प्रोजेक्ट पर जोर बढ़ रहा है। इसके चलते विंड एनर्जी सेक्टर में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है।

सरकार हर साल कम से कम 10GW विंड कैपेसिटी के टेंडर जारी करने की योजना बना रही है। ब्रोकरेज के मुताबिक, विंड टरबाइन उद्योग में मार्केट लीडर होने के कारण Suzlon इस बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कंपनियों में शामिल हो सकती है।

Suzlon 2.0 की नई रणनीति

मौजूदा विंड बिजनेस में मजबूत संभावनाओं के बीच Suzlon अब नए क्षेत्रों में भी विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी ने अपनी ‘Suzlon 2.0’ रणनीति के तहत मैनेजमेंट में बड़े बदलाव किए हैं।

इस रणनीति का मकसद कंपनी को केवल विंड एनर्जी तक सीमित रखने के बजाय एक डाइवर्सिफाइड रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस कंपनी बनाना है। इसके तहत कंपनी विंड के साथ साथ सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी BESS जैसे क्षेत्रों में भी काम बढ़ाने की योजना बना रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी ने Group Executive Council यानी GEC नाम का एक नया स्ट्रैटेजिक ग्रुप बनाया है। यह टीम डाइवर्सिफिकेशन और अन्य रणनीतिक पहलों को आगे बढ़ाने का काम करेगी।

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