Published on 19/02/2026 04:44 PM
फूड और ग्रोसरी कंपनी Swiggy ने 10 मिनट में खाना पहुंचाने वाला ऐप Snacc को बंद करने का फैसला किया है। लॉन्च के करीब एक साल के भीतर ही यह कदम उठाया गया। कंपनी को इस मॉडल में ऑर्डर को मुनाफे में बदलना मुश्किल लग रहा था। यह जानकारी Moneycontrol को मिले एक इंटरनल ईमेल से सामने आई है।
19 फरवरी को भेजे गए ईमेल में कहा गया, 'प्रोडक्ट की मांग बन रही थी, लेकिन बड़े स्तर पर इसे चलाना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। हम अब अपनी पूरी ऊर्जा ऐसे इनोवेशन पर लगाना चाहते हैं जिनमें लंबे समय की मजबूत संभावनाएं हों। इसी सोच के तहत यह फैसला लिया गया है।'
10 मिनट डिलीवरी की दौड़ में उतरा था Snacc
Moneycontrol ने जनवरी 2025 में Snacc के लॉन्च की खबर सबसे पहले दी थी। उस समय 10 मिनट में फूड डिलीवरी एक बड़ा ट्रेंड बन चुका था। Blinkit ने Bistro नाम से अलग ऐप लॉन्च किया, जबकि Zepto ने Zepto Cafe के लिए डेडिकेटेड ऐप पेश किया। छोटे खिलाड़ी जैसे Accel के निवेश वाली Swish भी निवेशकों और ग्राहकों के बीच तेजी से पहचान बना रहे थे।
फूड डिलीवरी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। मोबिलिटी प्लेटफॉर्म Rapido भी इस बाजार में उतरने की योजना बना रहा है।
लगातार घाटे के बाद फोकस बदला
Swiggy ने पिछले कुछ तिमाहियों में लगातार घाटा दर्ज किया है। इसी वजह से कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिये नई पूंजी जुटाई। अब कंपनी उन यूनिट्स को छोटा करने पर ध्यान दे रही है जो मुनाफा नहीं दे पा रही हैं, और Snacc उसी कड़ी का हिस्सा है।
Snacc के कर्मचारियों का क्या होगा
Snacc को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सिर्फ बेंगलुरु और गुरुग्राम में चलाया जा रहा था। 12 महीनों में यह ज्यादा विस्तार नहीं कर पाया। Swiggy ने कहा है कि अगले 48 घंटों में प्रभावित कर्मचारियों को दूसरी टीमों में एडजस्ट किया जाएगा। ईमेल में लिखा गया, 'हम कर्मचारियों को अपने अलग अलग बिजनेस में शामिल कर रहे हैं और उन्हें ट्रांजिशन सपोर्ट दिया जाएगा।'
16 दिन में बना और लाइव हुआ ऐप
Snacc की खास बात यह थी कि इसे बहुत तेजी से तैयार किया गया। कॉन्सेप्ट से लेकर प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर लाइव होने तक इसमें 16 दिन से भी कम समय लगा।
Swiggy के ग्रुप CEO श्रीहर्ष मजेटी ने लंदन में Prosus के एक कार्यक्रम में कहा था, 'जब Zepto ने Zepto Cafe लॉन्च किया, तब हमने भी पायलट के तौर पर Snacc शुरू करने का फैसला किया। सिर्फ 16 दिनों में ऐप को बाजार में उतार दिया गया।'
किन ग्राहकों के लिए था Snacc
Snacc उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया था, जो खाना पहले से प्लान नहीं कर पाते। मजेटी ने पहले Moneycontrol से कहा था, 'कई बार आप 30-40 मिनट की डिलीवरी के हिसाब से अपनी दिनचर्या नहीं बना सकते। अगर आप 20 मिनट में ऑफिस के लिए निकल रहे हैं और कॉफी चाहते हैं, तो इंतजार संभव नहीं। अगर मीटिंग्स के बीच 20-30 मिनट का ब्रेक है और आपने लंच नहीं किया, तो भी यही समस्या होती है।'
उन्होंने कहा था, 'शुरुआत में इस्तेमाल ऐसे ही हालात में होता है, लेकिन एक बार आदत बन जाए तो लोग पीछे नहीं जाते। क्विक कॉमर्स में भी हमने यही देखा है।'
Snacc में भारतीय नाश्ता, कॉफी, बेकरी आइटम, हल्के स्नैक्स, ठंडे पेय, अंडे और प्रोटीन जैसे विकल्प मिलते थे। कुछ कैटेगरी में The Whole Truth जैसे ब्रांड्स से साझेदारी थी, जबकि बाकी प्रोडक्ट बिना ब्रांड के थे और थर्ड पार्टी फूड प्रोवाइडर्स से लिए जाते थे।
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