Published on 19/03/2026 05:28 PM
Technical View : Nifty 50 ने आज पिछले तीन दिनों की अपनी सारी बढ़त गंवा दी और 3 प्रतिशत से ज़्यादा की भारी गिरावट के साथ गोता लगा दिया। जून 2024 के बाद यह एक दिन में हुई सबसे बड़ी गिरावट थी। बाज़ार पर 'बियर्स' (मंदी लाने वालों) का पूरी तरह से कब्ज़ा हो गया लगाता है। मोमेंटम इंडिकेटर्स सतर्क दिख रहे हैं। जबकि 'लोअर हाई–लोअर लो' का ढांचा बरकरार रहा। इसके साथ ही सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर रुख किए हुए हैं।
ऐसे में अगर आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी 22,900 के सपोर्ट लेवल को तोड़कर उसके नीचे बंद होता है, तो बिकवाली का दबाव 22,700 की ओर और बढ़ सकता है (अप्रैल 2025 के निचले स्तर से जनवरी 2026 के ऊपरी स्तर तक की रैली का 78.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट)।
मध्य पूर्व में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई हमलों के बीच तेल की कीमतों में $119 प्रति बैरल तक की तेज़ी आई है। बढ़ती महंगाई और धीमी ग्रोथ के बीच फेडरल रिज़र्व के सख़्त रवैये, FII की लगातार बिकवाली और HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन के हटने के बाद HDFC Bank में आई भारी गिरावट ने बाज़ार के सेंटिमेंट को कमज़ोर कर दिया है।
इंट्राडे में सोमवार का निचला स्तर भी टूटा
बेंचमार्क इंडेक्स ने एक बड़े गैप-डाउन ओपनिंग के बाद औसत से ज़्यादा वॉल्यूम के साथ इंट्राडे में सोमवार के निचले स्तर को तोड़ दिया। इंडेक्स ने 15 अप्रैल, 2025 के बुलिश गैप को भर दिया, लेकिन उस गैप की निचली रेंज को तोड़ नहीं पाया। इसलिए, आने वाले सेशंस में, अगर यह 22,900 के सपोर्ट लेवल से नीचे टूटता है और बंद होता है, तो बिकवाली का दबाव 22,700 (अप्रैल 2025 के निचले स्तर से जनवरी 2026 के ऊपरी स्तर तक की रैली का 78.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट) की ओर और तेज़ हो सकता है। हालांकि, बाजार जानकारों का कहना है कि 23,200–23,400 की रेंज तत्काल रेजिस्टेंस लेवल के तौर पर काम कर सकती है।
निफ्टी ने इंट्राडे में 22,930 का निचला स्तर छुआ
Nifty आज 580 अंकों की गिरावट के साथ खुला और दूसरे हाफ़ में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। कारोबार के आख़िरी दौर में इंडेक्स 22,930 के इंट्राडे निचले स्तर को छूने के बाद 23,002 पर बंद हुआ (11 अप्रैल, 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर)। इसमें 776 अंकों यानी 3.26 प्रतिशत (4 जून, 2024 के बाद की सबसे बड़ी एक-दिनी गिरावट) की भारी गिरावट दिखी।
इंडेक्स ने एक लॉन्ग बेयरिश कैंडल बनाई
एक बड़े गैप-डाउन ओपनिंग के बाद इंडेक्स ने एक लॉन्ग बेयरिश कैंडल बनाई, जो एक निर्णायक ब्रेकडाउन का संकेत है। साथ ही, यह 200 डे EMA से 8 प्रतिशत से ज़्यादा और 50-दिन के EMA से 5 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है। RSI फिर से 30 से नीचे गिरकर 29.74 पर आ गया है, जबकि MACD सिग्नल और ज़ीरो लाइनों से काफी नीचे बना रहा और हिस्टोग्राम में एक गहरा लाल बार दिखाई दिया है। यह सब बेयरिश मोमेंटम के जारी रहने का संकेत है।
एक्सपर्ट की राय
कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि मौजूदा बाज़ार का मिजाज कमजोर है। डेली चार्ट पर एक 'बेयरिश कैंडल' और इंट्राडे चार्ट पर 'लोअर टॉप' बनने से संकेत मिलता है कि मौजूदा स्तरों से बाज़ार में और गिरावट आ सकती है।
उन्होंने कहा कि डे ट्रेडर्स के लिए, जब तक बाज़ार 23,200 के नीचे ट्रेड करता रहेगा, तब तक कमजोर सेंटिमेंट बने रहने की संभावना है। नीचे की तरफ, बाज़ार फिसलकर 22,700–22,500 तक जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि दूसरी तरफ, अगर बाज़ार 23,200 के ऊपर जाता है, तो इसमें सुधार (पुलबैक) का दौर बढ़कर 23,450–23,500 तक पहुंच सकता है।
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वीकली ऑप्शंस डेटा पर एक नजर
वीकली ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि आने वाले सेशंस में बाजार कि दिशा साफ होने के लिए 23,000 का स्तर एक अहम ज़ोन का काम करेगा। सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट 23,500 स्ट्राइक पर है। इसके बाद 23,300 और 23,800 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है। वहीं, सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट 23,000 स्ट्राइक पर है। इसके बाद 22,500 और 22,800 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है।
सबसे ज़्यादा कॉल राइटिंग 23,300, 23,500 और 23,000 स्ट्राइक्स पर देखने को मिली। जबकि सबसे ज़्यादा पुट राइटिंग 23,000, 22,500 और 22,600 स्ट्राइक्स पर देखने को मिली है।
India VIX में एक ही सेशन में 21.79 प्रतिशत की भारी बढ़त
इस बीच, फियर इंडेक्स, India VIX, एक ही सेशन में 21.79 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 22.8 के ज़ोन में पहुंच गया, जो बुल्स के लिए बड़ी परेशानी का संकेत है। बुल्स को कुछ राहत देने के लिए इसे गिरकर 18 के ज़ोन से नीचे बने रहना होगा।
बैंक निफ्टी व्यू
Bank Nifty भी पूरी तरह से 'बेयर ट्रैप' में फंस लगता है। इसने इंट्राडे में सोमवार के निचले स्तर को तोड़ दिया और 53,240 का एक नया 'स्विंग लो' बनाया। इसके बाद, भारी वॉल्यूम के बीच यह 1,875 अंक यानी 3.39 प्रतिशत (जून 2024 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट) फिसलकर 53,451 पर बंद हुआ (यह 16 अप्रैल, 2025 के बाद से सबसे निचला क्लोजिंग स्तर है)। गैप-डाउन ओपनिंग के बाद, इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली 'बेयरिश कैंडल' बनाई, जिसमें एक लॉन्ग अपर शैडो और एक स्मॉल लोअर शैडो दिखी। यह एक तेज़ गिरावट (ब्रेकडाउन) का संकेत है।
तेज़ गिरावट के बाद हालिया उछाल सीमित प्रतीत होता है, जो केवल 23 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट तक ही पहुंचा है। यह खरीदारों की बेरुखी का संकेत है। इसके अलावा, RSI पर एक 'हिडन बियरिश डाइवर्जेंस' मौजूदा गिरावट के जारी रहने की संभावना की ओर इशारा करता है।
LKP सिक्योरिटीज़ के टेक्निकल एनालिस्ट, वत्सल भुवा का कहना है कि शॉर्ट टर्म में बैंक निफ्टी 52,000 के लेवल की ओर बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ, 54,500 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है, जबकि तत्काल सपोर्ट 53,000 के आस-पास है। 56,200 के लेवल से नीचे, 'सेल-ऑन-राइज़' (उछाल पर बेचने) का तरीका काम कर सकता है।
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