Published on 21/03/2026 12:54 PM
ट्रैवल सर्विसेज देने वाली कंपनी थॉमस कुक (इंडिया) लिमिटेड (TCIL) अपने रिसॉर्ट्स और रिसॉर्ट मैनेजमेंट बिजनेस को अलग यानि डीमर्ज करने वाली है। इसके लिए कंपनी ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस बिजनेस को स्टर्लिंग हॉलिडे रिसॉर्ट्स लिमिटेड (SHRL) में डीमर्ज किया जाएगा। SHRL, थॉमस कुक इंडिया के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली मैटेरियल सब्सिडियरी है। कंपनी ने एक कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को भी मंजूरी दी है। अभी इस प्रस्ताव पर NCLT और अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंजूरी मिलना बाकी है।
थॉमस कुक (इंडिया) के पास अभी 'नेचर ट्रेल्स' ब्रांड के तहत पूरे भारत में 6 रिसॉर्ट हैं। इनका या तो वह खुद मालिकाना हक रखती है या इन्हें ऑपरेट करती है। ये रिसॉर्ट्स एडवेंचर हॉलिडे, एजुकेशनल ट्रिप और कॉर्पोरेट गेटअवे जैसे सेगमेंट को सेवाएं देते हैं।
Thomas Cook के शेयरहोल्डर्स के लिए क्या बदलेगा
डीमर्जर के तहत थॉमस कुक (इंडिया) के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद थॉमस कुक (इंडिया) के हर शेयर के बदले स्टर्लिंग हॉलिडे रिसॉर्ट्स के 0.81 शेयर मिलेंगे। डीमर्जर के बाद भी, थॉमस कुक (इंडिया), SHRL में अपनी मौजूदा हिस्सेदारी बरकरार रखेगी। दोनों कंपनियों में प्रमोटर और पब्लिक शेयरहोल्डिंग का पैटर्न पहले जैसा ही रहेगा। स्टर्लिंग हॉलिडे रिसॉर्ट्स के शेयरों को BSE और NSE पर लिस्ट कराने का प्रस्ताव है।
रीस्ट्रक्चरिंग के हिस्से के तौर पर, थॉमस कुक (इंडिया) ₹1 फेस वैल्यू वाले 4 शेयरों को मिलाकर ₹4 फेस वैल्यू वाला एक शेयर बनाएगी। उसके बाद फेस वैल्यू को ₹4 से घटाकर ₹3 प्रति शेयर कर देगी। कंपनी एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों को कम करने के लिए 3 डोरमेंट और नॉन-ऑपरेटिंग सब्सिडियरी कंपनियों का भी विलय करेगी।
डीमर्जर प्लान के तहत रिसॉर्ट्स और रिसॉर्ट मैनेजमेंट बिजनेस SHRL को ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इस रीस्ट्रक्चरिंग का मकसद बिजनेस सेगमेंट को अलग करना, कैपिटल स्ट्रक्चर को सुव्यवस्थित करना और अलग-अलग वर्टिकल्स में ग्रोथ केंद्रित रणनीतियां बनाना है।
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शेयर 6 महीनों में 40 प्रतिशत गिरा
थॉमस कुक इंडिया के शेयर की कीमत BSE पर अभी 103.35 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में 40 प्रतिशत गिरा है। वहीं एक सप्ताह में 16 प्रतिशत चढ़ा है। 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 188.45 रुपये और एडजस्टेड लो 86.15 रुपये है। कंपनी का दिसंबर 2025 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 402.10 करोड़ रुपये रहा।
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