Published on 15/03/2026 09:22 PM
upGrad Unacademy Deal: एडटेक कंपनी upGrad ने अपने प्रतिद्वंद्वी Unacademy को खरीदने के लिए टर्म शीट साइन की है। यह सौदा पूरी तरह शेयर के जरिए किया जाएगा। upGrad के फाउंडर रॉनी स्क्रूवाला और Unacademy के फाउंडर गौरव मुंजाल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अलग-अलग पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
मुंजाल ने बताया कि प्रस्तावित डील 100 प्रतिशत शेयर स्वैप के जरिए पूरी होगी। उन्होंने कहा कि इस ट्रांजैक्शन की वैल्यूएशन का खुलासा तभी किया जाएगा, जब डील पूरी हो जाएगी और जरूरी फाइलिंग भी पूरी हो जाएगी।
स्क्रूवाला ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'हम upGrad में Unacademy के अधिग्रहण के लिए ऑल स्टॉक डील पर टर्म शीट साइन कर चुके हैं। फाउंडर और CEO गौरव मुंजाल Unacademy में बने रहेंगे और कंपनी के उस काम पर ध्यान देंगे, जिसमें वह सबसे मजबूत है, यानी ऐसे ऑनलाइन एजुकेशन प्रोडक्ट बनाना जिन्हें लर्नर्स पसंद करें।'
एक बार पहले टूट गई थी डील
यह घटनाक्रम दोनों कंपनियों के बीच पहले हुई लंबी बातचीत के बाद सामने आया है।Moneycontrol ने पहले रिपोर्ट किया था कि upGrad और Unacademy के बीच कई महीनों से अधिग्रहण को लेकर चर्चा चल रही थी। उस समय Unacademy की संभावित वैल्यूएशन करीब 300 से 400 मिलियन डॉलर के आसपास बताई जा रही थी।
हालांकि बाद में वैल्यूएशन और डील के स्ट्रक्चर पर सहमति न बनने की वजह से बातचीत टूट गई थी।
Unacademyमें हुए कई बदलाव
अपनी पोस्ट में मुंजाल ने पिछले एक साल में Unacademy में हुए कई बदलावों का भी जिक्र किया। इनमें कंपनी के अपने सेंटरों को फ्रेंचाइजी पार्टनर्स के साथ समेकित करना, 50 करोड़ रुपये का ESOP बायबैक और भाषा सीखने वाले प्रोडक्ट Airlearn की ग्रोथ शामिल है।
उन्होंने कहा कि Airlearn को अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा जैसे बाजारों में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। मुंजाल के मुताबिक Unacademy के पास फिलहाल 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा कैश रिजर्व मौजूद है।
CEO बने रहेंगे गौरव मुंजाल
मुंजाल ने कहा कि ट्रांजैक्शन पूरा होने के बाद भी वह Unacademy के को-फाउंडर और CEO के तौर पर बने रहेंगे। उनका फोकस भारत और दुनिया के दूसरे बाजारों के लिए ऑनलाइन एजुकेशन प्रोडक्ट तैयार करने पर रहेगा।
वहीं रॉनी स्क्रूवाला का कहना है कि दोनों कंपनियों के साथ आने से upGrad का इंटीग्रेटेड लर्निंग मॉडल और मजबूत होगा। यह मॉडल K-12 एजुकेशन से लेकर लाइफटाइम लर्निंग और प्रोफेशनल अपस्किलिंग तक फैला हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर किसी वजह से यह सौदा पूरा नहीं होता है, तो इसके लिए ब्रेक फी पर भी दोनों कंपनियों के बीच सहमति बनी है।
खर्च घटाने की कोशिश
यह डील ऐसे समय में सामने आई है, जब पिछले एक साल में Unacademy ने कई रणनीतिक बदलाव किए हैं। Moneycontrol की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अपने कंपनी ऑफलाइन सेंटरों से बाहर निकलकर फ्रेंचाइजी मॉडल की ओर बढ़ने की योजना बना रही थी। इसका मकसद लागत कम करना और ऑनलाइन लर्निंग बिजनेस पर ज्यादा ध्यान देना है।
एक आंतरिक ईमेल में मुंजाल ने बताया था कि कंपनी ने अपने टेस्ट प्रेप कारोबार का खर्च लगभग 450 करोड़ रुपये से घटाकर करीब 200 करोड़ रुपये कर दिया है।
इसके साथ ही UPSC, NEET PG और CAT जैसे कई वर्टिकल अब कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन के स्तर पर पॉजिटिव हो चुके हैं। वहीं PrepLadder और Graphy जैसे बिजनेस कैश फ्लो पॉजिटिव हैं।
कंपनी में लीडरशिप में भी बदलाव
Unacademy में हाल के समय में लीडरशिप से जुड़े कुछ बदलाव भी हुए हैं। इस साल की शुरुआत में गौरव मुंजाल और को फाउंडर रोमन सैनी ने रोजमर्रा के ऑपरेशनल कामकाज से खुद को अलग कर लिया था।
इसके बाद कंपनी ने को फाउंडर सुमित जैन को अपने मुख्य टेस्ट प्रेप कारोबार का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया।
एडटेक सेक्टर में बढ़ रहा कंसोलिडेशन
यह सौदा ऐसे समय में सामने आया है, जब महामारी के दौरान आए उछाल के बाद मांग में आई मंदी के चलते भारत के एडटेक सेक्टर में कंसोलिडेशन का दौर चल रहा है।
अब कंपनियां तेजी से प्रॉफिटेबिलिटी और प्रोडक्ट आधारित ग्रोथ पर ध्यान दे रही हैं। इसी रणनीति के तहत कई कंपनियां अपने खर्च घटाने और बिजनेस को ज्यादा टिकाऊ बनाने की कोशिश कर रही हैं।
Stocks to Buy: इन 5 स्टॉक्स पर ब्रोकरेज बुलिश, मिल सकता है 55% तक का रिटर्न; क्या आप लगाएंगे दांव?हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।