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US Attacks Venezuela: अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला, शेयर बाजार के साथ सोना-चांदी-कच्चे तेल की कीमतों पर क्या होगा असर?

Published on 03/01/2026 03:28 PM

US Attacks Venezuela: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच भू-राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स CBS News और Fox News की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की है। AFP ने भी इस हमले की पुष्टि की है। रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन से जुड़े कुछ अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिकी सेनाएं इस ऑपरेशन में सीधे तौर पर शामिल हैं।

कमोडिटी बाजार पर क्या असर पड़ेगा

अमेरिकी हमले के बाद मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि सोना, चांदी, कच्चा तेल और अन्य कमोडिटीज में गैप-अप ओपनिंग यानी शुरुआती तेजी देखने को मिल सकती है। Ya Wealth के डायरेक्टर अनुज गुप्ता के मुताबिक, अमेरिका-वेनेजुएला टकराव से क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा सेफ-हेवन एसेट्स को मिल सकता है।

उनका कहना है कि COMEX पर सोना $4,345.50 प्रति औंस पर बंद हुआ है और इसमें $4,380 प्रति औंस तक जाने की गुंजाइश है। वहीं COMEX पर चांदी $75 से $78 प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है। ब्रेंट क्रूड ऑयल के $62 से $65 प्रति बैरल तक जाने की संभावना जताई जा रही है।

MCX पर सोना-चांदी और क्रूड का अनुमान

अनुज गुप्ता के मुताबिक, MCX पर सोने की कीमतें ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं, जबकि चांदी ₹2,45,000 प्रति किलो तक पहुंच सकती है। वहीं MCX पर कच्चे तेल की कीमतें ₹5,200 से ₹5,300 प्रति बैरल के दायरे में देखी जा सकती हैं।

अमेरिका-वेनेजुएला संकट से उन समुद्री रास्तों पर असर पड़ सकता है, जिनका इस्तेमाल पेरू और चाड जैसे बड़े चांदी निर्यातक देश करते हैं। इससे सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ेगी और चांदी की कीमतों में उछाल आ सकता है। इसी वजह से सोने में भी मजबूती की उम्मीद जताई जा रही है।

भारतीय शेयर बाजार पर कितना असर

एक्सपर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम का भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा और सीधा असर पड़ने की संभावना कम है। वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था इतनी बड़ी नहीं है कि इससे भारत के इक्विटी मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव आए।

एक्सपर्ट का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से तेल से जुड़े शेयरों पर कुछ दबाव दिख सकता है। भारतीय बाजार कुल मिलाकर स्थिर रह सकता है, लेकिन बुल्स का भरोसा थोड़ा कमजोर पड़ सकता है। ऐसे में शुक्रवार की तेज तेजी के बाद जिस मजबूत खरीदारी की उम्मीद थी, वह सोमवार के शुरुआती सत्र में सीमित रह सकती है।

एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा, 'हाल के समय में वैश्विक बाजारों ने दिखाया है कि वे भू-राजनीतिक घटनाओं के झटकों को काफी हद तक संभाल लेते हैं। बशर्ते इनसे ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा और बड़ा असर न पड़े। या फिर लंबे समय तक जोखिम से बचने का माहौल न बने। इसी वजह से सोमवार को बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया घबराहट भरी नहीं, बल्कि संभली हुई रहने की उम्मीद है। हालांकि, शुरुआती सत्र में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।'

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