News Image
Money Control

US-Iran Conflict: क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा, भारत पर क्या पड़ेगा असर?

Published on 03/03/2026 06:45 PM

अमेरिका और ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद जिस बात की सबसे ज्यादा आशंका थी, वह 3 मार्च को सच में बदल गई। क्रूड ऑयल का भाव 85 डॉलर प्रति बैरल पहुंचागया। खास बात यह है कि जुलाई 2024 के बाद पहली बार क्रूड का भाव इस लेवल पर पहुंचा है। यह इंडिया के लिए बड़ा झटका है।

मध्यपूर्व में लड़ाई से क्रूड में उबाल

मध्यपूर्व में हालात बिगड़ने और ईरान पर अमेरिका-इजरायल के भीषण हमलों के बाद क्रूड में उछाल की उम्मीद की जा रही थी। ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद पूरा मध्यपूर्व युद्ध का मैदान बनता नजर आ रहा है। इसका सीधा असर क्रूड की कीमतों पर पड़ रहा है। 3 मार्च को क्रूड का भाव 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

ईरान ने होर्मुज खाड़ी बंद की

इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक एडवाइजर ने ईरान के सरकारी टीवी से कहा है कि अगर कोई जहाज होर्मुज खाड़ी से गुजरने की कोशिश करेगा तो ईरान उसमें आग लगा देगा। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर भारत और चीन पर पड़ेगा।

80 फीसदी क्रूड का आयात

होर्मजु की खाड़ी के रास्ते भारत और चीन को क्रूड की सबसे ज्यादा सप्लाई होती है। खासकर भारत के लिए यह रूट बहुत अहम है, क्योंकि नई दिल्ली क्रूड की अपनी 80 फीसदी जरूरत इंपोर्ट से पूरी करती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में उछाल सरकार के खजाने पर बोझ बढ़ा सकता है।

पहले से पेट्रोल-डीजल 100 रुपये के करीब

भारत में सरकार के लिए पेट्रोल-डीजल राजस्व जुटाने का बड़ा जरिया रहा है। सरकार ईंधन पर काफी ज्यादा टैक्स लगाती है। हाल तक क्रूड की कीमतें 60-65 डॉलर प्रति बैरल के करीब थीं। इससे सरकार के खजाने में काफी पैसा आ रहा था। भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें 90-110 रुपये प्रति लीटर के बीच है। ऐसे में सरकार के लिए क्रूड की कीमतों में इजाफा करने की गुंजाइश नहीं है।

महंगाई में फिर से उछाल का डर

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर इनफ्लेशन पर पड़ता है। एक अनुमान के मुताबिक, क्रूड की कीमत में हर 10 डॉलर की वृद्धि से इनफ्लेशन आधा फीसदी तक बढ़ सकता है। काफी आरबीआई और सरकार की काफी कोशिशों के बाद इनफ्लेशन काबू में आया है। दोनों इसे किसी कीमत पर बेकाबू नहीं होने देना चाहेंगे। ऐसे में क्रूड की बढ़ती कीमतें सरकार के लिए नया सिरदर्द पैदा कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें: Stock Markets: सेंसेक्स-निफ्टी में 4 मार्च को बड़ी गिरावट के संकेत, कैसी होनी चाहिए आपकी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी?

एक हफ्ते में क्रूड 14% उछला

भारतीय समय के मुताबिक, शाम 6:18 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.94 फीसदी उछाल के साथ 76.17 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। ब्रेंड क्रूड का भाव 7.01 फीसदी के उछाल के साथ 83.25 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। बीते एक हफ्ते में क्रूड का भाव 14 फीसदी से ज्यादा उछल चुका है।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।