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वेनेजुएला का शेयर बाजार 17% भागा, राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद भी जोश में निवेशक, जानें क्या है वजह

Published on 06/01/2026 01:44 PM

Venezuela Stock Exchange: वेनेजुएला के शेयर बाजारों में सोमवार 5 जनवरी को ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। वेनेजुएला का काराकास स्टॉक एक्सचेंज लगभग 17% की भारी तेजी के साथ बंद हुआ। यह तेजी वेनेजुएला पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने की खबर के बावजूद आई है। काराकास स्टॉक एक्सचेंज 5 जनवरी को 6.45% उछलकर 2,597.7 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह इंडेक्स 2,621.8 के इंट्राडे हाई तक भी पहुंचा। यह पिछले कई सालों में इस इंडेक्स में सबसे बड़ी तेजी है।

यह तेजी इस बात का संकेत है कि निवेशक वेनेजुएला में हुए हालिया घटनाक्रम को देश के राजनीतिक और आर्थिक भविष्य के लिए एक संभावित पॉजिटिव बदलाव के तौर पर देख रहे हैं।

छोटा लेकिन संवेदनशील बाजार

काराकास स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना साल 1947 में हुई थी। इसे दक्षिण अमेरिका का सबसे छोटा शेयर बाजार माना जाता है। इस एक्सचेंज में वास्तविक रूप से करीब 15 कंपनियों के शेयरों में ही कारोबार होता है। बीते सालों में यहां का डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बेहद सीमित रहा है और आमतौर पर यह 10 लाख डॉलर प्रतिदिन से अधिक नहीं पहुंच पाया।

बॉन्ड मार्केट में भी जोरदार उछाल

शेयर बाजार के साथ-साथ वेनेजुएला के सॉवरेन बॉन्ड और सरकारी ऑयल कंपनी PDVSA के बॉन्ड में भी तेज उछाल देखी गई है। निवेशक यह उम्मीद कर रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन की स्थिति में कर्ज पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। वेनेजुएला के डिफॉल्ट हो चुके सॉवरेन बॉन्ड और PDVSA के नोट्स की कीमतें पिछले कुछ महीनों में दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी हैं। ये बॉन्ड अब डॉलर पर 23 से 33 सेंट के दायरे में ट्रेड कर रहे हैं।

रॉयटर्स की 5 जनवरी की रिपोर्ट के अनुसार, अगर भविष्य में कर्ज पुनर्गठन की संभावना मजबूत होती है, तो रिकवरी वैल्यू 50 से 60 सेंट प्रति डॉलर तक भी पहुंच सकती है।

ट्रंप के बयान से बढ़ी उम्मीदें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन तब तक संभालेगा, जब तक वहां सत्ता का सुरक्षित और व्यवस्थित हस्तांतरण नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि देश को “एक समूह” चलाएगा, जिसमें बड़े पैमाने पर सीनियर अमेरिकी अधिकारी शामिल होंगे और इनका मुख्य फोकस वेनेजुएला के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बहाल करने पर होगा। इन बयानों के बाद शेयर मार्केट में यह सेंटीमेंट मजबूत हुआ कि लंबे समय से संकट में फंसी वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।

कर्ज संकट अब भी बड़ी चुनौती

हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वेनेजुएला का कर्ज संकट सुलझाना आसान नहीं होगा। देश पर करीब 154 अरब डॉलर का डिफॉल्टेड कर्ज है, जिसमें बॉन्ड, लोन और कोर्ट के फैसलों से जुड़े दावे शामिल हैं। ये देनदारियां वॉल स्ट्रीट निवेशकों से लेकर रूस जैसे देशों तक फैली हुई हैं। ग्रामर्सी के कोएनिग्सबर्गर के मुताबिक, किसी भी बड़े स्तर का कर्ज पुनर्गठन तभी संभव होगा, जब वेनेजुएला में स्थायी और मान्यता प्राप्त सरकार का गठन हो जाए।

राजनीतिक अनिश्चितता अभी बरकरार

निवेशकों की नजरें अब वेनेजुएला की उप-राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज पर टिकी हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो उनके संपर्क में हैं और उन्होंने सहयोग को लेकर भरोसा जताया है, जिससे सत्ता परिवर्तन को लेकर उम्मीदें बढ़ीं। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने सार्वजनिक रूप से मादुरो की वापसी की मांग की और अमेरिकी कार्रवाई को “बर्बर” करार दिया। इससे यह साफ है कि राजनीतिक अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है।

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