Published on 25/03/2026 02:55 PM
Vijay Kedia Portfolio: निवेश की दुनिया में कई ऐसे दिग्गज हैं, जिनकी हर खरीद और बिक्री पर निवेशकों की नजर रहती है। भारत में विजय केडिया भी ऐसे ही निवेशकों में गिने जाते हैं, जो खासकर स्मॉल और मिड कैप कंपनियों में शुरुआती चरण में निवेश करने के लिए जाने जाते हैं।
हालांकि उनकी रणनीति लंबी अवधि पर आधारित होती है, इसलिए इसमें उतार चढ़ाव भी आते रहते हैं। फिलहाल उनके पोर्टफोलियो के कई शेयर अपने हालिया हाई लेवल से 25 से 45 प्रतिशत तक नीचे कारोबार कर रहे हैं। इससे सवाल उठता है कि क्या इन कंपनियों में कोई बुनियादी समस्या है या यह केवल बाजार की सामान्य गिरावट है।
आइए विजय केडिया के पोर्टफोलियो की कुछ कंपनियों पर नजर डालते हैं, जिनमें हाल में गिरावट आई है। लेकिन, जिनकी लंबी अवधि की कहानी अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
Neuland Laboratories
न्यूलैंड लैबोरेटरीज फार्मा सेक्टर की एक जानी मानी कंपनी है। यह API यानी एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी जटिल केमिस्ट्री वाले हाई वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस करती है। यह कई ग्लोबल फार्मा कंपनियों के साथ बिजनेस करती है।
FY25 में न्यूलैंड लैबोरेटरीज की आय करीब 19 अरब रुपये रही और शुद्ध लाभ लगभग 2.6 अरब रुपये रहा। ऑपरेटिंग मार्जिन 18 से 20 प्रतिशत के बीच बना रहा। मजबूत प्रदर्शन के बावजूद शेयर अपने हाई लेवल से करीब 25 प्रतिशत नीचे है। इसकी बड़ी वजह यह है कि पहले से ही वैल्यूएशन काफी ऊंचे हो गए थे। फार्मा सेक्टर में समय समय पर नियामक जोखिम, कीमतों का दबाव और मुद्रा उतार चढ़ाव के कारण ऐसे करेक्शन देखने को मिलते हैं।
Vaibhav Global
वैभव ग्लोबल एक अनोखे ग्लोबल रिटेल मॉडल पर काम करती है। कंपनी अमेरिका और ब्रिटेन में टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए फैशन ज्वेलरी और लाइफस्टाइल उत्पाद बेचती है।
वैभव ग्लोबल का रेवेन्यू FY25 में लगभग 33.8 अरब रुपये रहा। यह सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ा। वहीं शुद्ध लाभ करीब 1.5 अरब रुपये रहा, जो 21 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। इसके बावजूद शेयर अपने पीक लेवल से लगभग 38 प्रतिशत नीचे है।
इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां हैं। अमेरिका और ब्रिटेन में महंगाई और धीमी वृद्धि के कारण खर्च में कमी आई है। इसका असर कंपनी की मांग पर पड़ा है। साथ ही मुद्रा उतार चढ़ाव भी इस कारोबार को प्रभावित करते हैं।
Om Infra
ओम इंफ्रा इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है। यह खास तौर पर जल प्रबंधन, सिंचाई और बांध से जुड़ी परियोजनाओं पर फोकस करती है। भारत में जल सुरक्षा और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते निवेश के कारण इसे लंबी अवधि की थीम से जुड़ा शेयर माना जाता है।
FY25 में ओम इंफ्रा की कमाई लगभग 7.5 अरब रुपये रही। यह सालाना आधार पर 35 प्रतिशत कम है। वहीं शुद्ध लाभ करीब 36 करोड़ रुपये रहा, जो 24 प्रतिशत घटा है। ऑपरेटिंग मार्जिन भी घटकर करीब 2.8 प्रतिशत रह गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार स्वभाव से चक्रीय होता है। इसमें परियोजनाओं में देरी, लागत बढ़ने और वर्किंग कैपिटल जैसी चुनौतियां आती रहती हैं। हालांकि सरकारी सिंचाई और जल परियोजनाओं में बढ़ते निवेश के कारण लंबी अवधि में इस क्षेत्र की संभावनाएं बनी हुई हैं।
Affordable Robotic
अफोर्डेबल रोबोटिक एंड ऑटोमेशन औद्योगिक ऑटोमेशन क्षेत्र की कंपनी है। यह ऑटोमोबाइल कंपनियों को रोबोटिक सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है। इसका FY25 में रेवेन्यू लगभग 6.5 अरब रुपये और शुद्ध लाभ करीब 40 करोड़ रुपये रहा। इसके बावजूद शेयर अपने हाई लेवल से करीब 45 प्रतिशत गिर चुका है।
ऑटोमेशन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का एक महत्वपूर्ण भविष्य का ट्रेंड माना जाता है। लेकिन इस कंपनी का कारोबार काफी हद तक प्रोजेक्ट आधारित है। प्रोजेक्ट में देरी, सीमित ग्राहकों पर निर्भरता और एग्जीक्यूशन से जुड़े जोखिम इसके नतीजों को अस्थिर बना सकते हैं। इसी अनिश्चितता के कारण बाजार ने शेयर में बड़ा करेक्शन किया है।
Mahindra Holidays
महिंद्रा हॉलिडेज एंड रिसॉर्ट्स Club Mahindra ब्रांड के तहत वेकेशन ओनरशिप मॉडल पर काम करती है। कंपनी लंबी अवधि की मेंबरशिप के जरिए नियमित कमाई करती है।
FY25 में महिंद्रा हॉलिडेज का रेवेन्यू लगभग 29 अरब रुपये रहा। यह सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़ी। वहीं शुद्ध लाभ 1.3 अरब रुपये रहा, जो करीब 8.5 प्रतिशत बढ़ा। ऑपरेटिंग मार्जिन 21 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया।
फिर भी शेयर अपने उच्च स्तर से करीब 30 प्रतिशत नीचे है। महामारी के बाद यात्रा और अवकाश सेक्टर के शेयरों में तेज तेजी आई थी। जैसे ही वृद्धि सामान्य हुई, वैल्यूएशन भी एडजस्ट हो गए। इसके अलावा वेकेशन ओनरशिप मॉडल में लगातार नए सदस्य जोड़ना जरूरी होता है, इसलिए गैरजरूरी खर्च में कमी आने पर वृद्धि धीमी हो सकती है।
Global Vectra
ग्लोबल वेक्ट्रा हेलिकॉप्टर सेवाएं देने वाली स्पेशल कंपनी है। यह ऑफशोर तेल और गैस कंपनियों को सेवाएं देती है। FY25 में कंपनी की आय करीब 3.6 अरब रुपये रही। शुद्ध लाभ लगभग 25 करोड़ रुपये रहा। मार्जिन करीब 7 से 8 प्रतिशत के बीच रहा।
शेयर अपने हाई लेवल से लगभग 42 प्रतिशत नीचे आ चुका है। इसका कारण यह है कि कंपनी का कारोबार ऑफशोर ड्रिलिंग गतिविधियों पर निर्भर करता है। जब तेल की कीमतें मजबूत होती हैं तो मांग बढ़ती है, जबकि कीमतें नरम होने पर गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं। इस तरह का कारोबार ग्लोबल एनर्जी साइकल से जुड़ा होता है। इसलिए इसमें आय का उतार चढ़ाव सामान्य माना जाता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अगर किसी शेयर में गिरावट के बावजूद कोई बड़ा और अनुभवी निवेशक अपनी हिस्सेदारी बनाए हुए है, तो यह अपने आप में एक सकारात्मक संकेत जरूर हो सकता है। लेकिन इसे आंख बंद करके फॉलो करना सही रणनीति नहीं है। बड़े निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता आम निवेशकों से काफी अलग होती है।
इसलिए कंपनी के फंडामेंटल, सेक्टर की स्थिति, कमाई की संभावना और वैल्यूएशन को ध्यान से समझकर फैसला लेना चाहिए। साथ ही, अपनी जोखिम लेने की क्षमता पर भी जरूर गौर करें।
अगर कंपनी के बिजनेस की कहानी अभी भी मजबूत है और गिरावट केवल बाजार के उतार चढ़ाव की वजह से है, तो धैर्य रखना सही हो सकता है। लेकिन अगर कंपनी के फंडामेंटल्स में कमजोरी दिख रही हो, तो सिर्फ इसलिए निवेश बनाए रखना कि किसी बड़े निवेशक के पास भी वह शेयर है, जोखिम भरा हो सकता है।
कोटक महिंद्रा बैंक पर पंचकूला नगर निगम से जुड़े 160 करोड़ रुपये के FD फ्रॉड का आरोप, दर्ज हुई FIR
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।