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यूनिफी कैपिटल के गोविंदसामी ने दिया मोटी कमाई का मंत्र, कहा-नए मल्टीबैगर स्टॉक्स उन सेक्टर्स से आएंगे जो अभी नजरों से दूर हैं

Published on 17/10/2025 03:10 PM

नए मल्टीबैगर स्टॉक्स उन सेक्टर्स से निकलने वाले हैं, जिनकी मार्केट में अभी दबदबा नहीं है। यह बात यूनिफी कैपिटल के फाउंडर मारन गोविंदसामी ने कही है। उन्होंने इस लिस्ट में टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, एंटरटेनमेंट और होम इम्प्रूवमेंट को रखा है। उनका मानना है कि ये इकोनॉमी के बड़े सेगमेंट हैं। लेकिन, अभी स्टॉक मार्केट्स में उनका प्रतिनिधित्व कम है। 'द वेल्थ फॉर्मूला' के खास दिवाली एडिशन में उन्होंने स्टॉक मार्केट्स और इनवेस्टमेंट से जुड़ी कई बड़ी बातें बताईं।

1991 में सेंसेक्स में सिर्फ स्टील, सीमेंट, पावर कंपनियों के स्टॉक्स थे

उन्होंने कहा, "अभी इंडस्ट्रीज काफी बिखरी हुई है, जिससे कंसॉलिडेशन से वैल्यू क्रिएशन का रास्ता बनेगा।" उन्होंने कहा कि इंडिया स्टॉक मार्केट्स के सूचकाकों में हमेशा बदलती स्थितियों के हिसाब से बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा, "1991 में सेंसेक्स में शामिल 50 फीसदी शेयर स्टील, सीमेंट, पावर और टेक्सटाइल्स कंपनियों से जुड़े थे। तब सेंसेक्स में एक भी आईटी या बैंक स्टॉक नहीं था। 2001 में सेंसेक्स के 50 फीसदी स्टॉक्स आईटी और फार्मा से जुड़े थे। 2021 में इसमें सिर्फ फाइनेंशियल शेयरों की हिस्सेदारी 40 फीसदी थी।"

हर 10 साल में सेंसेक्स में शामिल स्टॉक्स बदल जाते हैं

उन्होंने कहा, "आज से 10 साल बाद सेंसेक्स में ये स्टॉक्स नजर नहीं आएंगे। ऐसा नहीं है कि बैंक नहीं रह जाएंगे बल्कि इसकी वजह यह है कि नए सेक्टर्स की ग्रोथ ज्यादा तेज होगी।" उनका मानना है कि नए लीडर्स ऐसे बिजनेस से निकलेंगे जो अभी स्मॉल, रीजनल और अनऑर्गानाइज्ड हैं, लेकिन तेजी से ग्रोथ कर रहे हैं। गोविंदसामी ने कहा, "आज सबसे बड़ी होटल चेन का मार्केट शेयर सिर्फ 5-6 फीसदी है। कंसॉलिडेशन के बाद यह बदल जाएगा। ऐसा हम ब्रोकिंग में होता देख रहे हैं, जहां टॉप प्लेयर्स की मार्केट हिस्सेदारी एक दशक में 15 से 65 फीसदी पहुंच गई है।"

जहां ग्रोथ दिख रही है वहां वैल्यूशंस पहले से हाई है

गोविंदसामी ने कहा कि सबसे बड़े मौके वह नहीं होते, जो आपको सामने दिखते हैं। उन्होंने कहा, "जहां ग्रोथ दिख रही है, वहां वैल्यूएशंस पहले से हाई है। लेकिन, जहां अनिश्चितता है वहां स्टॉक्स में कम भाव पर ट्रेडिंग हो रही है।" उन्होंने इनवेस्टर्स को अलग-अलग सेक्टर्स के 15-20 कंपनियों के स्टॉक्स से डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो बनाने की सलाह दी। उन्होंने लंबी अवधि में होने वाले बदलावों से इन स्टॉक्स को फायदा होगा। उन्होंने कई बड़े अनुमानित बदलावों के बारे में बताया।

10-12 साल में इन वजहों से बड़े बदलाव दिखेंगे

उन्होंने कहा कि शहरीकरण जारी रहेगा, वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ेगी और परिवारों की इनकम 60-80 लाख रुपये से बढ़कर 90 लाख रुपये और इससे ज्यादा हो जाएगी। ऐसा एक या दो साल में होने नहीं जा रहा है। इसमें 10-12 साल का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि कंज्यूमर इकोनॉमी में भी इनवेस्टर्स को शॉर्ट टर्म ग्रोथ और लॉन्ग टर्म कंसॉलिडेशन के बीच फर्क समझना होगा।

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उन सेक्टर्स के पीछे नहीं भागें, जिनकी रीरेटिंग हो चुकी है

उन्होंने कहा कि आपको उन सेक्टर्स के पीछे नहीं भागना है, जिनकी पहले रीरेटिंग हो चुकी है। आपको उन सेक्टर्स पर भरोसा करना होगा, जो अभी भी नजरों से दूर हैं। आपके एक या दो फैसले गलत हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर फैसले सही हो सकते हैं।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।