News Image
Money Control

Excise Duty on Cigarettes: ITC के लिए ब्रोकरेज फर्मों ने रेटिंग और टारगेट प्राइस घटाए, शेयर के और टूटने का अंदेशा

Published on 02/01/2026 08:48 AM

डायवर्सिफाइड FMCG कंपनी ITC के शेयर के लिए ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल, नुवामा और JPMorgan ने रेटिंग घटा दी है। सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर 1 फरवरी 2026 से एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लगाने की सरकार ने घोषणा की है। यह इन पर जीएसटी के अलावा होगी। इसके बाद ब्रोकरेज फर्म्स ने ITC स्टॉक के लिए अपना प्राइस टारगेट भी घटा दिया है। 1 जनवरी को शेयर लगभग 10 प्रतिशत गिरावट के साथ 363.95 रुपये पर बंद हुआ था।

नुवामा ने ITC के शेयर के लिए रेटिंग पहले के "बाय" से घटाकर "होल्ड" कर दी है। प्राइस टारगेट ₹534 से घटाकर ₹415 प्रति शेयर कर दिया है। मोतीलाल ओसवाल ने भी रेटिंग पहले के "बाय" से घटाकर "न्यूट्रल" कर दी है। प्राइस टारगेट घटाकर ₹400 कर दिया है। पिछले 5 सालों में ITC के सिगरेट वॉल्यूम में 5% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ोतरी हुई, जो स्टॉक के प्रदर्शन में भी साफ तौर पर दिखी।

ब्रोकरेज के तर्क

नुवामा ने अपने नोट में लिखा, "हमें सिगरेट पर टैक्स में भारी बढ़ोतरी का अंदेशा था, लेकिन बढ़ोतरी उस अनुमान से भी ज्यादा निकली। इससे ITC की सिगरेट बिक्री, EBITDA अनुमानों और मल्टीपल्स में बाजार को कटौती करनी पड़ सकती है।" मोतीलाल ओसवाल का मानना ​​है कि ITC को प्रति सिगरेट स्टिक पर मौजूदा नेट रियलाइजेशन बरकरार रखने के लिए पोर्टफोलियो लेवल पर कीमतों में कम से कम 25% की बढ़ोतरी करनी होगी। मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट ने अपने नोट में लिखा, "टैक्स में इतनी बड़ी बढ़ोतरी पहले कभी नहीं हुई और पिछले कुछ सालों में स्थिर टैक्स के माहौल को देखते हुए यह हैरान करने वाली बढ़ोतरी है।"

नुवामा अभी और स्पष्टता का इंतजार कर रही है, लेकिन उसे उम्मीद है कि ITC कीमतों में लगभग 20% की बढ़ोतरी करेगी। इसके चलते नुवामा ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए स्टॉक के EBITDA अनुमानों में से प्रत्येक में 7% की कटौती की है। ब्रोकरेज ने अपने सिगरेट कारोबार के लिए वैल्यूएशन मल्टीपल को भी पहले के 23 गुना से घटाकर 17 गुना कर दिया है।

मोतीलाल ओसवाल ने भी ITC के सिगरेट बिजनेस के वैल्यूएशन को पहले के 17 गुना से घटाकर 14 गुना कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि कमाई का यह दबाव तंबाकू की नरम कीमतों, FMCG और पेपर में रिकवरी के नियर टर्म कंफर्ट और वैल्यूएशन के कंफर्ट को खत्म कर देता है।

Stock in Focus: सरकारी डिफेंस कंपनी को मिले ₹569 करोड़ के ऑर्डर, 5 साल में दिया है 844% रिटर्न

JPMorgan की रेटिंग और टारगेट

JPMorgan ने भी ITC के शेयर के लिए रेटिंग को पहले के "अंडरवेट" से घटाकर "न्यूट्रल" कर दिया है। प्राइस टारगेट पहले के ₹475 से घटाकर ₹375 कर दिया है। ब्रोकरेज ने कहा कि यह डाउनग्रेड सिगरेट पर टैक्स में भारी बढ़ोतरी के बाद आया है। इससे कंपनी के वॉल्यूम और कमाई की ग्रोथ पर असर पड़ेगा, जिससे स्टॉक मल्टीपल्स पर दबाव पड़ेगा। ऐसे में स्टॉक के अगले 6 से 9 महीनों में मौजूदा स्तरों से ऊपर जाने की संभावना सीमित हो जाएगी।

टैक्स बढ़ने से ITC को प्रति सिगरेट नेट रैशनलाइजेशन को जस का तस रखने के लिए कीमतों में 25% से 35% की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि NCCD (National Calamity Contingent Duty) रहती है या नहीं।

UBS ने भी ITC के शेयर के लिए प्राइस टारगेट ₹490 से घटाकर ₹430 कर दिया है, लेकिन स्टॉक पर अपनी "बाय" रेटिंग बरकरार रखी है। UBS ने अपने नोट में लिखा है कि सिगरेट पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी से स्टॉक की कीमत पर दबाव पड़ने की संभावना है।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।