Published on 30/03/2026 09:45 AM
HDFC Bank Shares: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक, एचडीएफसी बैंक का वैल्यूएशन पिछले 16 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बैंक के शेयरों में हालिया तेज गिरावट के चलते इसका वैल्यूएशन तेजी से घटा है। पिछले सप्ताह निफ्टी-50 इंडेक्स की गिरावट में इस शेयर का सबसे अधिक योगदान रहा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म अब इसमें रिकवरी की उम्मीद जता रहे हैं।
जेपी मॉर्गन ने बढ़ाई रेटिंग
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने HDFC बैंक के शेयर की रेटिंग को ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘ओवरवेट’ कर दिया है। ब्रोकरेज ने इसके लिए 1,010 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 33% की संभावित बढ़त दिखाता है। जेपी मॉर्गन के अनुसार, स्टॉक में हालिया गिरावट के बाद रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो भी अब काफी बेहतर हो गया है।
16 साल के निचले स्तर पर वैल्यूएशन
ब्रोकरेज के मुताबिक, HDFC बैंक का प्राइस-टू-बुक (P/B) वैल्यूएशन FY28 के अनुमान के आधार पर करीब 1.5 गुना पर आ गया है, जो पिछले 16 साल का न्यूनतम स्तर है। स्टॉक में साल 2026 में अब तक करीब 24% की गिरावट आ चुकी है, जिससे यह अपने राइवल बैंकों और बाजार दोनों से पिछड़ गया है।
ICICI बैंक और निफ्टी से ज्यादा गिरा
तुलना करें तो ICICI Bank का शेयर इस साल अब तक करीब 8% गिरा है, जबकि निफ्टी 50 में करीब 13% की गिरावट आई है। वहीं, HDFC बैंक का शेयर अब तक 24% टूट चुका है, जिसके चलते यह अब ICICI बैंक के मुकाबले 12 महीने के फॉरवर्ड P/BV आधार पर करीब 17% डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।
रेटिंग बढ़ाने के कारण
जेपी मॉर्गन ने अपनी रेटिंग बढ़ाने के पीछे तीन प्रमुख वजहें बताई हैं। पहला, पूरे सिस्टम में क्रेडिट ग्रोथ में सुधार की उम्मीद। दूसरा, महंगे उधार की जगह सस्ते डिपॉजिट आने से रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) में सुधार की संभावना। तीसरा, बैंक की मजबूत एसेट क्वालिटी और मजबूत लायबिलिटी फ्रेंचाइज, जो अनिश्चित माहौल में इसे बेहतर स्थिति में रखती है।
हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी माना कि डिपॉजिट्स पर दबाव और कमाई में कुछ कमजोरी बनी रह सकती है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन में यह जोखिम पहले ही शामिल हो चुका है।
जेफरीज भी बुलिश, 64% तक उछाल की संभावना
दूसरी ओर, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भी HDFC बैंक पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है और 1,240 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 64% तक के अपसाइड का संकेत देता है। जेफरीज के मुताबिक, स्टॉक फिलहाल FY27 के अनुमानित बुक वैल्यू के 1.6 गुना और 13 गुना P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो बड़े प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सस्ता है।
मजबूत फंडामेंटल्स से मिलेगा सपोर्ट
ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक की एसेट क्वालिटी मजबूत है, ग्रोथ की संभावनाएं बनी हुई हैं और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) स्थिर रहने की उम्मीद है। साथ ही, क्रेडिट कॉस्ट और ग्रोथ में संभावित कमजोरी का असर सीमित रहेगा।
आगे क्या रहेंगे ट्रिगर?
एनालिस्ट्स के अनुसार, बोर्ड स्तर पर स्पष्टता, जैसे स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति और CEO कार्यकाल को लेकर स्थिति, स्टॉक के लिए बड़े ट्रिगर साबित हो सकते हैं। इन मुद्दों पर स्पष्टता आने से स्टॉक में री-रेटिंग देखने को मिल सकती है।
लगातार पांच हफ्तों से गिर रहा शेयर
शुक्रवार को HDFC बैंक का शेयर 3.11% गिरकर 757.95 रुपये पर बंद हुआ। यह लगातार पांचवां हफ्ता है जब स्टॉक में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दो हफ्तों में यह करीब 4.5-4.5% गिरा था, जबकि पिछले हफ्ते इसमें 2.7% की कमजोरी आई।
यह भी पढ़ें- शेयर बाजार लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में लाल, सेंसेक्स खुलते ही 1200 अंक तक लुढ़का; निवेशकों के ₹6.74 लाख करोड़ साफ
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।