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India Shelter Finance Stock: बीते छह महीनों में 6 फीसदी टूटा है स्टॉक, क्या अभी निवेश करने पर होगी जोरदार कमाई?

Published on 03/01/2026 11:06 PM

इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉर्पोरेशन उन हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में शामिल है, जिनका फोकस एफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट पर रहा है। यह कंपनी मुख्य रूप से टियर 3 और टियर 4 शहरों के लो और मिडिल इनकम वाले सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों को टारगेट करती है। ऐसे ग्राहकों का होम लोन 15 लाख रुपये तक होता है। यह हाउसिंग फाइनेंस में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट है।

औसत से ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद

India Shelter के पास आने वाले समय में इस स्ट्रक्चरल ग्रोथ का फायदा उठाने का बड़ा मौका होगा। कंपनी की लोन ग्रोथ अच्छी है। मार्जिन बेहतर है। एसेट क्वालिटी अच्ची है और मुनाफा बनाने की क्षमता स्ट्रॉन्ग है। कंपनी की लोन बुक अपेक्षाकृत छोटी है, जिससे लंबे समय तक इसकी ग्रोथ औसत से ज्यादा रह सकती है।

एयूएम 9000 करोड़ रुपये के पार

कंपनी की स्ट्रेंथ का असर उसके शेयरों की वैल्यूएशन पर दिखता है। इसलिए शेयरों में आगे तेजी अर्निंग्स ग्रोथ और वैल्यूएशन की रीरेटिंग पर निर्भर करेगी। इसके लिए आगे भी प्रदर्शन बेहतर बना रहना जरूरी है। बीते पांच सालों (FY20 से FY25) के दौरान कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) की सीएजीआर करीब 40 फीसदी रही है। 30 सितंबर, 2025 को एयूएम 9,000 करोड़ रुपये को पार कर गया।

लोन बुक की ग्रोथ 30-35 फीसदी रह सकती है

FY26 की पहली छमाही में डिस्बर्समेंट सुस्त रहा। लेकिन, कंपनी के मैनेजमेंट ने लोन बुक की ग्रोथ 30-35 फीसदी सीएजीआर रहने का अनुमान जताया है। इसमें नए इलाकों में कारोबार का विस्तार और मार्केट में गहरी पैठ का बड़ा रोल होगा। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 9 नए ब्रांच ओपन किया। इससे कुल ब्रांच नेटवर्क 299 हो गया है। कंपनी ने हर साल 40-45 नई ब्रांच ओपन करने का प्लान बनाया है।

नए इलाकों में कारोबार के विस्तार पर फोकस

अभी कंपनी का ऑपरेशन कुछ खास इलाकों में केंद्रित है। लेकिन, वह धीर-धीरे इसका विस्तार करने की कोशिश कर रही है। 30 सितंबर, 2025 को कंपनी के एयूएम में सिर्फ तीन राज्यों की 57 फीसदी हिस्सेदारी थी। इनमें राजस्थान 31 फीसदी, महाराष्ट्र 16 फीसदी और मध्य प्रदेश 10 फीसदी शामिल हैं।

एयूएम में नॉन-हाउसिंग लोन की ज्यादा हिस्सेदारी

इंडिया शेल्टर ज्यादा यील्ड की बदौलत स्प्रेड 6 फीसदी से ऊपर बनाए रखने में सफल रही है। इसके एयूएम में 75 फीसदी हिस्सेदारी सेल्फ-एंप्लॉयड कस्टमर्स की है। इनमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जिनके पास इनकम के फॉर्मल डॉक्युमेंट्स नहीं हैं। इसके अलावा कंपनी के एएयूम में नॉन-हाउसिंग लोन की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत ज्यादा है। एयूएम में न्यू-टू-क्रेडिट कस्टमर्स की हिस्सेदारी भी ज्यादा है। इस कस्टमर और प्रोडक्ट मिक्स की वजह से इसकी यील्ड और मार्जिन ज्यादा है।

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क्या आपको निवेश करना चाहिए?

प्राइवेट बैंकों और सरकारी बैंकों से बढ़ती प्रतियोगिता के बावजूद बैलेंस ट्रांसफर में कमी देखने को मिली है। यह कंपनी के लिए अच्छा संकेत है। इंडिया शेल्टर के शेयरों में FY28 के अनुमानित P/B रेशियो के 2 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। औसत से ज्यादा ग्रोथ को देखते हुए यह सही लगता है। सरकार का फोकस एफोर्डेबल हाउसिंग पर है, जिसका फायदा कंपनी को मिलेगा। लंबी अवधि के लिहाज से इनवेस्टर्स इंडिया शेल्टर के शेयरों में निवेश बढ़ा सकते हैं। कंपनी का शेयर 2 जनवरी को 0.97 फीसदी चढ़कर 825 रुपये पर बंद हुआ।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।