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Warren Buffett ने इनवेस्टर्स का डर दूर किया, कहा-अगले 100 साल तक प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से आगे रहेगी हैथवे बर्कशायर

Published on 03/01/2026 11:09 PM

दिग्गज इनवेस्टर वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे की कमान ग्रेग एबेल को सौंप दी है। एबेल को लंबे समय से बफे का उत्तराधिकारी माना जाता था। अब बफे की जगह वह बर्कशायर हैथवे के सीईओ बन गए हैं। बफे ने कहा है कि लंबी अवधि में उनकी कंपनी का भविष्य किसी दूसरी कंपनी के मुकाबले ज्यादा बेहतर दिखता है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी कंपनी अगले 100 साल तक बनी रह सकती है, जबकि किसी प्रतिद्वंद्वी के बारे में वह ऐसा नहीं सोचते। सीएनबीसी ने यह खबर दी है।

कंपनी से जुड़े फैसले लेने की जिम्मेदारी अब एबेल पर होगी

सीएनबीसी को दिए एक स्पेशल इंटरव्यू में Warren Buffett ने एबेल के फैसले लेने की क्षमता की तारीफ की। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कंपनी के रोजाना के कामकाज से जुड़े फैसले लेने की जिम्मेदारी अब एबेल पर होगी। बफे ने 1 जनवरी को सीईओ का पद छोड़ दिया। इसके साथ ही करीब छह दशकों से जारी उस सिलसिला का अंत हो गया, जिसके दौरान बर्कशायर हैथवे फर्श से अर्श पर पहुंच गई।

वॉरेन बफे बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन बने रहेंगे

बर्कशायर हैथवे कभी एक संघर्ष करने वाली टेकसटाइल्स मिल थी। आज यह ऐसी कंपनी बन गई है, जिसके तहत इंश्योरेंस, रेलरोड और कंज्यूमर बिजनेस आते हैं। सीएनबीसी ने यह खबर दी है। बफे बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन बने रहेंगे। उन्होंने संकेत दिया है कि वह कामकाज से जुड़े रहेंगे। लेकिन, पहले के मुकाबले उनका रोल अब कम हो जाएगा। वह पब्लिक रोल में भी कम नजर आएंगे।

बफे ने इनवेस्टर्स का डर दूर करने की कोशिश की

बफे ने सीएनबीसी से कहा, "अब फैसले लेने का काम ग्रेग करेंगे।" उन्होंने कहा कि इसका मतलब एक तरह से यह है कि अमेरिका के टॉप इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स या सीईओ की जगह अब एबेल उनके पैसे को संभालेंगे। दरअसल, इन बातों से बफे का मकसद उन लोगों का संदेह दूर करना है, जिन्हें इस बात का डर है कि बफे के बगैर इतना बड़ा कारोबारी साम्राज्य क्या चल पाएगा।

मई में रिटायरमेंट के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट आई थी

सीएनबीसी ने बताया कि बफे के मई में पहली बार अपने रिटायरमेंट का ऐलान करने के बाद बर्कशायर हैथवे के शेयरों में गिरावट आई थी। इसकी वजह इनवेस्टर्स का डर था कि बफे के बगैर बर्कशायर के तहत आने वाले बिजनेसेज के साथ कंपनी के इक्विटी पोर्टफोलियो को संभालना काफी मुश्किल होगा। बफे ने इनवेस्टर्स का यह डर दूर करने की कोशिश की है। उनका मानना है कि बर्कशायर किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। खासकर एबेल को तो इसके लिए तैयार किया गया है।

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बर्कशायर हैथवे एबेल के तहत पहले की तरफ आगे बढ़ती रहेगी

उन्होंने एबेल को जमीन से जुड़ा लीडर बताया। उनकी जिदंगी तड़क-भड़क से काफी दूर है। वह सादा जीवन जीते हैं। वह लाइमलाइट से दूर रहना चाहते हैं। इसका मतलब है कि एबेल के नेतृत्व में बर्कशायर उसी तरह से आगे बढ़ती रहेगी, जिस तरह वह अब तक बढ़ती रही है। बफे ने एक और बड़े बदलाव का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह इस साल बर्कशायर की सालाना शेयरहोल्हर मीटिंग में मुख्य रोल में नहीं होंगे।हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।